पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालयने राजद्रोहके आरोपी किसानको प्रदानकी प्रतिभूति
०६ अगस्त, २०२१
पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालयने राजद्रोहके आरोपी किसान दलबीरको यह कहते हुए प्रतिभूति प्रदान कर दी की अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता एक शक्तिशाली लोकतन्त्रकी आधारशिला है । आरोपीने कथित रूपसे हरियाणाके मुख्यमन्त्रीपर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी । समाचारके अनुसार, प्रतिभूतिकी याचिकापर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अवनीश झिंगनने यह भी कहा कि अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता नागरिकोंका एक मौलिक अधिकार है । जींदके निवासी किसान दलबीरके अधिवक्ता व कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवालाने मौलिक अधिकारोंके हननका आश्रय लेते हुए ही प्रतिभूति दिलवाई । याचिकाकर्ता दलबीर सिंहके विरुद्ध राज्यमें दो प्राथमिकी प्रविष्ट होनेके पश्चात उसे बन्दी बनाया गया था तथा ‘आईपीसी’की ‘धारा-१२४ ए-१५३ए’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया था । आरोपीने कुछ स्थानीय ‘चैनलों’से बात करते समय हरियाणाके मुख्यमन्त्रीके विषयमें आपत्तिजनक शब्दोंका प्रयोग किया था, जिससे राज्यकी शान्ति और सद्भावमें व्यवधान उत्पन्न हो सकता था । उन्होंने मुख्यमन्त्रीको अपशब्द कहते हुए ‘सिकंदरकी औलाद’ कहा था तथा उनके मुख्यमन्त्री न रहनेपर उनकी हत्या करनेकी भी धमकी दी थी ।
जिस कथित आन्दोलनमें मार्गोंको बाधित किया जा रहा है, महिलाओंका शील हरण किया जा रहा है, निर्दोष किसानोंकी भूमि अधिग्रहितकी जा रही है । वहांके राजनेताओंको न्यायालय प्रतिभूति प्रदान कर रहे हैं । राष्ट्र किस दिशामें जा रहा है, आप स्वयं ही इसका चिन्तन करें । अब देशमें शीघ्र हिन्दूराष्ट्रकी स्थापना परम आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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