अब बिना आज्ञा (परमिट) लद्दाखमें कहीं भी जाइए, तिरंगेसे प्रकाशित हुआ लाल चौकका घण्टाघर


०८ अगस्त, २०२१
      जम्मू- कश्मीरमें अनुच्छेद-३७० के प्रावधानोंको निरस्त करने और लद्दाखके रूपमें एक पृथक केन्द्र शासित प्रदेशके गठन के साथ ही लोगों को परिवर्तन दिखने आरम्भ हो गए थे । अब इस निर्णयके २ वर्ष पूर्ण होनेपर ये परिवर्तन स्पष्ट रूपसे दिख रहे हैं । राजधानी श्रीनगरके लाल चौकपर स्थित घण्टाघर तिरंगेके रंगसे जगमगा रहा है । वहीं लद्दाखमें यात्राके लिए पर्यटकोंको अब आईएलपी (इनर लाइन परमिट) लेनेकी कोई आवश्यकता नहीं । अब लद्दाखके किसी भी क्षेत्रमें पर्यटनके लिए भारतीय नागरिकोंको किसी प्रकारकी कोई अनुमति लेनेकी आवश्यकता नहीं है । सुरक्षित क्षेत्रोंमें भी आप घूम सकते हैं ।
 लद्दाखके उप-राज्यपालने यह आदेश जारी किया है । साथ ही उप-राज्यपाल आरके माथुरने लद्दाख पुलिसके ‘टूरिस्ट विंग’का भी गठन किया । पुलिसकी यह शाखा पर्यटकोंसे सम्बन्धित समस्याओंको देखेगी और साथ ही पर्यटकोंके लिए एक उचित वातावरण बनानेके लिए कार्य करेगी ।
         जम्मू-कश्मीरमें पूर्वमे तिरंगा फहरानेपर हिंसात्मक कार्यवाहीका होना या लद्दाखके कुछ क्षेत्रमें ‘परमिट’से जानेकी अनुमति मिलना, यह पूर्वके शासकवर्गकी तुष्टीकरणकी राजनीति थी; किन्तु अब हिन्दू जाग रहा है और राजनीतिक दलोंको इसका भान हो गया है । इसके फलस्वरूप जम्मू-कश्मीरमें यह परिवर्तन दिखाई दे रहा है । सभी हिन्दू एकजुट होकर हिन्दू राष्ट्रके निर्माणका संकल्प कर लें, तो पूरा भारत एक रंगमें रंगा होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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