जिहादी ‘किन्नर’ने किया युवकके साथ दुष्कर्म, ‘खतना’ और ‘नशे’में धर्मान्तरण


०७ अगस्त, २०२१ 
      उत्तर प्रदेशके अलीगढ जनपदमें रोरावर क्षेत्रके एक यन्त्रालयमें (कारखानेमें) श्रम करनेवाले युवकका मुसलमान समुदायके किन्नरने यौन शोषण और धर्म परिवर्तन कर दिया । मात्र इतना ही नहीं, ‘नशे’की अवस्थामें युवकका ‘खतना’ भी करा दिया गया । पूर्व ‘मेयर’के हस्तक्षेपके पश्चात पीडित युवकका परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट किया गया ।
      मूल रूपसे लोधा क्षेत्रका रहनेवाला एक युवक, अपने भाई व पिताके साथ रोरावर क्षेत्रमें स्थित एक ताला निर्माणशालामें श्रम करता है । ४ माह पूर्व युवककी मित्रता मुसलमान समुदायके एक किन्नर शाबिरसे हो गई । मित्रताके कारण दोनोंके मध्य मिलना भी आरम्भ हो गया ।
      इसी मध्य इस किन्नरने उसे रोरावरमें ही एक कक्षपर बुलाना आरम्भ कर दिया, जहां युवकको ‘नशा’ करवानेके पश्चात कथित किन्नरने उसके साथ समलैङ्गिक सम्बन्ध बनाए । किन्नर उस युवकको अपना पति मानने लगा था और युवकका नाम भी परिवर्तितकर मोहम्मद अब्दुल्ला रख दिया । युवकने जब इसका विरोध किया तो कथित किन्नरने साथियोंके साथ मिलकर युवकको पीटा ।
      इसके पश्चात युवकके परिवारको चेताया गया कि यदि पूरा परिवार हमारी बात मानकर धर्म परिवर्तन कर ले, तो ही वह सुरक्षित रह पाएगा । भय और आघातमें डूबे परिवारने ५ अगस्त २०२१, बृहस्पतिवारको पूर्व ‘मेयर’ शकुंतला भारतीसे सम्पर्ककर सहायता मांगी । घटनाकी सूचना होनेपर शकुंतला भारतीने शुक्रवारको ‘एसएसपी’से मिलकर घटनाकी सूचना दी ।
      ‘एसएसपी’के निर्देशपर पूर्व ‘मेयर’ पीडित परिवारको लेकर ‘सीओ’ प्रथमसे मिलने पहुंची । ‘सीओ’ने समस्या समझनेके पश्चात आरोपी कथित किन्नरको सैनिक भेजकर बन्दी बनवाया; इसके पश्चात पीडित युवकके परिवादपर आरोपित शाबिर, निवासी रोरावर और इमरान जर्राहके विरुद्ध रोरावर ‘थाने’में धर्म परिवर्तनकी अधिनियम ३/५, बन्धक बनाने, कुकर्म आदिके अधिनियमोंमें अभियोग (मुकदमा) प्रविष्ट किया गया है ।
          जिहादी मानसिकताका मनुष्य चाहे सामान्य हो अथवा किन्नर, उनको एकमात्र भोग और जनसंख्या वृद्धि जैसे पाठ पढाकर अपना साम्राज्य स्थापित करनेका ही शिक्षण दिया जा रहा है । मित्रता करना हो अथवा प्रेम प्रसङ्गमें फंसाना हो, यह सब जिहादियोंका एक षड्यन्त्र है । हिन्दू यदि अभी भी नही समझा तो उसकी भावी पीढीको भविष्यमें अत्यधिक क्षति होगी; अतः हिन्दुओ, समय रहते जाग जाओ ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : डू पॉलिटिक्स


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution