जिहादी पिताकी पुत्री नेहा खानने अपनी हिन्दू माताका जीवन संघर्ष बताया
०९ अगस्त, २०२१
मराठी दूरदर्शनकी प्रसिद्ध अभिनेत्री नेहा खानने ‘यूट्यूब’के माध्यमसे स्वयं तथा अपनी माताके जीवन संघर्षकी यात्रा साझा की । उन्होंने बताया कि उनके ‘अब्बा’ने उनकी मातासे प्रेम विवाह किया था । उनके ‘अब्बा’ मुसलमान तथा मां मराठी थी । विवाहके पश्चात अब्बाके परिवारने उनकी माताको स्वीकार नहीं किया था, जिसके कारण उनकी माता अपने एक पुत्र व पुत्रीके साथ अकेली रहती थी । जब नेहा खानके ‘अब्बा’का तृतीय विवाह हुआ, तब उनकी एक पुत्रीकी आयु उनकी माताके समान थी । नेहाने यह भी बताया कि उनके ‘अब्बा’की दूसरी पत्नी सम्पत्तिको किसी भी प्रकारसे उनकी मातासे साझा नहीं करना चाहती थी, जिसके हेतु उन्होंने कुछ व्यक्तियोंको ‘तलवार’ लेकर उनकी मांको मारने हेतु भेजा । इस प्रहारमें उनकी माताको ३७० टांके भी लगाने पडे । नेहाने यह भी बताया कि मांकी चिकित्सा हेतु उन्हें किसी भी प्रकारकी ‘अब्बा’द्वारा सहायता नहीं दी गई । उनके भाईने भीख मांगकर किसी प्रकार भोजन हेतु व्यवस्था की । पिता उन्हें पूछने भी नहीं आते थे । उनकी माताने इस विषयमें कभी परिवाद भी नहीं किया; क्योंकि उनको भय रहता था कि जिहादियोंसे, उनकी सन्तानके जीवनको कोई संकट न हो ।
नेहा खानके जीवन संघर्षको पढकर स्पष्ट होता है कि किस प्रकार जिहादी अपनी कामवासनाकी पूर्ति हेतु हिन्दू महिलाओंका प्रयोगकर उन्हें त्याग देते हैं । ऐसे प्रकरणोंमें वृद्धि होनेके पश्चात भी हिन्दू युवतियां जिहादियोंसे विवाह करने हेतु तत्पर रहती हैं । इसका प्रमुख कारण आजके हिन्दुओंमें धर्माभिमानका अभाव है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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