‘मुहर्रम’पर कट्टरपन्थियोंद्वारा साम्प्रदायिक वातावरण दूषित न करनेवाली ‘गाइडलाइन’के विरुद्ध मुख्यमन्त्री योगीको पत्र
१० अगस्त, २०२१
उत्तर प्रदेशमें ‘मुहर्रम’से पूर्व ‘पुलिस’ महानिदेशकद्वारा (डीजीपी) जारी किए गए दिशा-निर्देशोंपर आरम्भ हुआ विवाद अभीतक चल रहा है । अब इस क्रममें ‘ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड’के अध्यक्ष यासूब अब्बासने मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथको पत्र लिखा है तथा इस पत्रमें उन्होंने ‘गाइडलाइन’से अपशब्द हटानेकी मांग की है । वहीं इससे पूर्व ३१ जुलाईको जारी किए गए इन दिशा-निर्देशोंके विरुद्ध मौलाना कल्बे जव्वादने भी मांग की थी कि ‘डीजीपी’ अपना यह ‘सर्कुलर’ ‘वापस’ लें तथा क्षमायाचना करें । जव्वादका आरोप था के दिशा-निर्देशोंमें अयोग्य भाषाका प्रयोग किया गया है और साथ ही गोहत्या, यौन सम्बन्धित आदि प्रकरणोंका भी उल्लेख किया गया है ।
यदि साम्प्रदायिक वातावरणको लेकर प्रशासन चिन्तित है, तो इसमें की जा रही आपत्तिकी उपेक्षा की जानी चाहिए ? मुसलमानोंद्वारा आदेशकी अव्हेलनाकर न्याय व्यवस्थामें सहयोग न करना दण्डके अन्तर्गत आता है; अतः प्रशासनसे उचित कार्यवाही अपेक्षित है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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