साढे तीन वर्षके बेटेद्वारा ‘ऑनलाइन’ पढाई नहीं करनेपर मांने बेटेको मारकर स्वयं भी की आत्महत्या
१२ अगस्त, २०२१
महाराष्ट्रके जनपद नासिक पाथर्डी फाटा क्षेत्रमें स्थित साईं सिद्धि ‘अपार्टमेंट’में एक महिलाने सोमवार, ०९ अगस्तको रात्रि लगभग ९:३० बजे आत्महत्या की थी । उसने अपने साढे तीन वर्षीय बेटेको ‘ऑनलाइन क्लास’में उपस्थित नहीं होनेसे अधिक क्रोधमें तकिएसे मुंह दबाकर मार डाला और मरनेसे पूर्व उसने एक ‘सुसाइड नोट’ भी लिखा था ।
‘सुसाइड नोट’में महिलाने लिखा था कि दोनोंकी मृत्युके लिए किसीको भी दोषी न ठहराएं । उसने ही अपने बेटेकी हत्या की है ।
इस विषयमें हत्या व आत्महत्याका परिवाद इंदिरानगर पुलिस स्थानकमें प्रविष्ट हुआ है ।
इससे पूर्व इसी माह महाराष्ट्रके नवी मुंबईके एरोली क्षेत्रमें एक १५ वर्षीय लडकीने पढाईपर हुए विवादके मध्य ‘कराटे’के पट्टेसे गला घोंटकर अपनी मांकी हत्या कर दी थी । पुलिसका कहना था कि लडकीने आरम्भमें इसे आकस्मिक मृत्यु बताया था ।
जिस शिक्षासे माता-पिता अथवा बालक यह नहीं निर्णय ले पाते कि क्या उचित है और क्या अनुचित ? ऐसी शिक्षाका क्या लाभ है ? सिद्ध होता है कि अब आजकी मैकॉले शिक्षण पद्धतिकी नहीं; अपितु गुरुकुल शिक्षण पद्धतिकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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