पादरी करता रहा एक निर्धन महिलाकी मतिभ्रष्ट, परिवारको धर्मान्तरित करनेके लिए देता रहा प्रलोभन
१४ अगस्त, २०२१
उत्तर प्रदेशके बहराइचमें एकके पश्चात एक तीन हिन्दू परिवारोंने धर्मान्तरणकर ईसाई पन्थ अपना लिया है । रिसिया थाना क्षेत्रके शाहनवाजपुर ग्राममें परिवारकी महिलाने ईसाई पन्थ अपना लिया और अब वह परिवारके अन्य सदस्योंपर धर्मान्तरणका दवाब बना रही है । इसके पश्चात परिजनने मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारीको पत्र लिखकर सहायताकी याचना की है ।
पत्रमें बबलूने उल्लेख किया है कि उसके छोटे भाईकी पत्नी अनीताने घरसे सभी देवी-देवताओंके चित्र और प्रतिमाओंको विस्थापित किया है । उसे प्रतिदिन रात्रि १२ बजे एक पादरी भ्रमणभाष (फोन) करता है और उसे परिवारके लोगोंको धर्मान्तरण करानेके लिए कहता है । वह उससे धर्मान्तरण करानेका प्रलोभन भी देता है ।
आरोपी अनीताके अनुसार, ईसाई पन्थको स्वीकारनेसे धन व वस्तुकी न्यूनता नहीं होगी तथा इस पन्थको अस्वीकृत करनेसे सन्तानें नहीं होंगी । पुलिस और प्रशासन समूचे प्रकरणोंमें लीपापोतीकी भूमिका निभा रहा है ।
उनके लिए स्वधर्मका परित्यागकर धर्मान्तरित होना अनर्थ और घातक ही सिद्ध होता आया है । धर्मान्तरणसे व्यक्तिगत, सामाजिक व राष्ट्रकी व्यापक अवनति हो चुकी है । ऐसी भयावह स्थितिसे निपटने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए सभीको योगदान देना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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