११ वर्ष पूर्व इरफानके लिए रिजवाना बनी थी अंतिमा शेखावत, अब मार्गके मध्य चाकू मारकर की हत्या
१९ अगस्त, २०२१
राजस्थानके कोटाके दादाबाडा क्षेत्रमें ‘अन्तरधार्मिक’ विवाहके ११ वर्ष पश्चात समुदाय विशेषके युवकने अपनी २७ वर्षीय पत्नीकी मार्गके मध्य चाकू मारकर हत्या कर दी । घटना १८ अगस्त, बुधवार सन्ध्याकी है । ‘पुलिस’ आरोपीको १९ अगस्त २०२१ प्रातः बन्दी बना चुकी है । मृतककी बहनने प्रतिवाद (दावा) किया है कि इरफान नामक युवक उसकी बहन अंतिमा शेखावत अर्थात रिजवानाको विवाह करके प्रताडित कर रहा था ।
‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, ११ वर्ष पूर्व विज्ञान नगर निवासी अंतिमा शेखावतने घरसे भागकर इरफानसे ‘निकाह’ किया था; कालान्तरमें उसका नाम रिजवाना हो गया । दोनोंके तीन बच्चे हुए; किन्तु कुछ समय पश्चात इरफान उससे मारपीट करके उसे व्यथित करने लगा । अंतिमाकी बहन अनीता बताती हैं कि २ वर्ष पूर्व इरफानने अंतिमाको गोवामें १.२ ‘लाख’के मूल्यमें विक्रय करनेका प्रयास भी किया था; किन्तु तब उसने इरफानको क्षमा कर दिया और पुनः उसके साथ रहना प्रारम्भ कर दिया ।
बुधवारको जब अंतिमा अपनी बहनके घर दादाबाडी गई तो वहांसे अपनी १२ वर्षकी भतीजीको लेकर किसी कार्यसे बाहर निकली । इसी मध्य इरफान ‘स्कूटी’से आया और ‘किराने’की ‘दुकान’के सामने उसने चाकूसे उसपर आक्रमण कर दिया । ‘खूनसे लथपथ’ अंतिमा वहींपर गिर गई । ‘आनन-फानन’में उसे पासके चिकित्सालय ले जाया गया; परन्तु वहां चिकित्सकोंने उसे मृत घोषित कर दिया ।
जिहादी मात्र लव-जिहाद करने हेतु ही ‘निकाह’ करते हैं, और सन्तान हो जानेपर या तो ‘तलाक’ दे देते है या विक्रय कर देते हैं अथवा हत्याकर भाग खडे होते हैं । प्रेम प्रसङ्गमें फंसकर हिन्दू महिलाएं सहज ही जिहादकी भेट चढ जाती है । यह सबकुछ धर्म शिक्षणके अभावका परिणाम है; अतः जिहादियोंसे हिन्दू बहनोंका संरक्षण हो, इस हेतु सभी हिन्दुओंको धर्माभिमानी बनाना ही एक मात्र पर्याय है ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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