देवबंदमें ‘एटीएस कमाण्डो सेंटर’का कांग्रेस नेताने किया विरोध, बताया इसे षड्यन्त्र


२० अगस्त, २०२१
       उत्तर प्रदेशमें कांग्रेसके अल्पसङ्ख्यक विभागके अध्यक्ष शाहनवाज आलमने ‘एटीएस कमाण्डो सेंटर’का विरोध किया है । शाहनवाजने इसे योगी शासनका षड्यन्त्र बताया है । उसने अपने वक्तव्यमें कहा है कि देवबंदकी छवि धूमिल करनेवाला, योगी शासनका यह एक प्रयास है । उसने यह भी कहा कि देवबंदसे निकले उलेमाओंने ही कांग्रेस नेताओंसे मिलकर, अंग्रेजी शासनके विरुद्ध सङ्घर्ष किया था और हुतात्मा हुए थे; किन्तु अब देवबंदको कलङ्कित किया जा रहा है । शाहनवाजके अनुसार, देशविरोधी गतिविधियोंमें फंसे हुए जो विरोधी ‘एटीएस’के कटघरेमें हैं, वही ऐसे संस्थानोंका अनुरक्षण (पहरा) देनेकी बात कर रहे हैं । शाहनवाजने आरोप लगाया कि उनके पूर्वज तब अंग्रेजोंसे क्षमा मांगा करते थे और कांग्रेसकी गुप्तचरी किया करते थे । इससे पूर्व ‘सपा’ने भी मुसलमानोंको भयभीत करनेका, योगी शासनपर आरोप लगाया था और कहा था कि उत्तर प्रदेशमें मुसलमानोंकी जनसङ्ख्या अधिक होनेके कारण ऐसा किया जा रहा है ।
     उत्तर प्रदेशके आदित्यनाथ योगीके शासनद्वारा देवबंदमें जो ‘एटीएस कमाण्डो सेन्टर’ स्थापित करनेका निर्णय लिया गया था, उससे पूर्व ऐसा निर्णय मेरठ, बहराइच, श्रावस्ती, जेवर, लखनऊ तथा नोएडामें भी, ऐसे केन्द्र खोले जानेकी योजना पूर्वसे ही चल रही है ।
      देवबंदमें शिक्षा ग्रहण करनेके लिए ही ‘दारुल उलूम’की स्थापना हुई थी और यहींसे ‘इस्लामी’ अभियान आरम्भ होनेसे, ‘तालिबान’को इनकी विचारधराओंसे प्रेरणा प्राप्त हुई थी । यहींसे आतङ्की घटनाओंके प्रकरण उजागर हुए थे और इसी कारण देवबंद कलङ्कित रहा है ।  राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टीकरणके कारण ही नेताओंद्वारा आतङ्क-विरोधी सङ्गठनका विरोध किया जा रहा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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