अनुमति लिए बिना ही निकला ‘मुहर्रमका जुलूस’, मार्ग मांगनेपर सैकडोंकी संख्यामें जनसमूहने ‘स्कॉर्पियो’पर किया आक्रमण
२१ अगस्त, २०२१
बिहारके कटिहार जनपदसे ‘मुर्रहम’के अवसरपर उन्मादी ‘इस्लामी’ जनसमूहद्वारा एक ‘स्कॉर्पियो’को लक्ष्य बनाए जानेका प्रकरण उजागर हुआ है । इस मध्य लाठी-डण्डोंसे जनसमूहने ‘स्कॉर्पियों’पर निरन्तर आक्रमण किए । उसमें बैठे लोगोंको पीटा गया । ‘स्कॉर्पियो’में बैठे लोगोंकी चूक मात्र इतनी थी कि उन्होंने इस उन्मादी जनसमूहसे मार्ग छोडनेको कह दिया ।
विवरणके अनुसार, डूमर निवासी पीडित मोहम्मद मसूद आलमका कहना है कि वह अपनी मांका उपचार करानेके लिए पूर्णिया गया हुआ था । उपचार करवाकर लौटते समय मूसापुर चौकके समीप ‘मुहर्रमका जुलूस’ चल रहा था । जब उनसे मार्ग मांगा गया तो उन लोगोंने लाठियां बरसानी आरम्भ कर दीं । इस मध्य उपद्रवियोंने ७००० की धनराशि और भ्रमणभाष भी लूट लिया । आक्रमणमें मसूदकी मां सहित उसके तीन अन्य परिजन चोटिल हुए हैं, जिन्हें कोढा ‘सीएचसी’में उपचारके लिए भर्ती कराया गया है ।
यह प्रकरण स्पष्ट रूपसे शासनकी असमर्थता दर्शाता है । कैसे कोई जनसमूहको साथ ले सार्वजनिक स्थानपर उपद्रव फैलानेका कार्य कर सकता है, यह किसी नेता एवम् शासनके अधिकारीके सहयोगके बिना सम्भव ही नहीं है । जिहादी तो मात्र एक अवसरकी ही खोजमें रहते है । इसीसे समझमें आता है कि हिन्दुओंके लिए हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करना अब अपरिहार्य हो चुका है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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