कल्याण सिंहके निधनपर मुसलमानोंने प्रदर्शित की अपनी कट्टरपन्थी मानसिकता
२३ अगस्त, २०२१
उत्तर प्रदेशके भूतपूर्व मुख्यमन्त्री कल्याण सिंहके निधनके समाचारपर, कट्टरपन्थियोंने अपनी घृणात्मक मानसिकताका प्रदर्शन किया । उनके निधनके समाचार आते ही, कट्टरपन्थी, उत्तरमें ‘हा-हा’ लिखकर उपहास करने लगे । भूतपूर्व मुख्यमन्त्री अखिलेशद्वारा शोक व्यक्त करनेपर भी, एक सौ कट्टरपन्थियोंने ‘हा-हा’ लिखकर उत्तर दिया । इसी प्रकार ‘जी न्यूज’ तथा कवि कुमार विश्वासके ‘ट्वीट’पर भी मुसलमानोंने ही नकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई; यद्यपि ‘बीबीसी’के ‘पोस्ट’पर प्राय: ४०० कट्टरपन्थियोंने ‘हा-हा’ लिखा । मुसलमानोंने कल्याण सिंहको ‘भाजपा’का शिल्पकार बताकर उपहास किया । बाबरी ढांचेको गिरानेवाले कारसेवकोंपर गोलियां नहीं चलानेका निर्णय लेनेवाले, उत्तर प्रदेशके भूतपूर्व मुख्यमन्त्री कल्याण सिंहने अपने वक्तव्यमें कहा था कि वे राम मन्दिरके निर्माणके लिए दस बार भी अपना शासन न्योछावर कर सकते हैं । उन्होंने इसे गर्वका विषय बताकर कहा था कि वे कारसेवकोंपर कदापि गोली नहीं चलने देंगे; क्योंकि बाबरीको लेकर उनके मनमें कोई पश्चातापका भाव नहीं है और न ही कोई शोक अथवा दुःख है ।
स्व. कल्याण सिंहके देशभक्त होनेके साथ-साथ रामभक्त होनेके कारण, कट्टरपन्थी उनके प्रति अपनी घृणात्मक मानसिकताका प्रदर्शन कर रहे हैं । वस्तुतः उन्हें प्रत्येक रामभक्तसे घृणा है, इस तथ्यको सभी हिन्दू शीघ्र समझें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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