रक्षाबन्धन पर्वको लेकर पत्रकार तनवीर अलीने की आपत्तिजनक टिप्पणी


२४ अगस्त, २०२१
          ‘मीडिया’ संस्थान ‘टीवी नाइन भारतवर्ष’के पत्रकार तनवीर अलीने हिन्दुओंके पर्व रक्षाबन्धनको लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है । तनवीर अलीने सामाजिक जालस्थलपर लिखा कि बहनकी गाली देनेवाले आज त्योहार मना रहे हैं । उन्होंने यह टिप्पणी रक्षाबन्धनके पावन पर्ववाले दिन ही की, जिस दिन भाई-बहनके पवित्र सम्बन्धको सम्मान देने हेतु यह पर्व मनाया जाता है । इस टिप्पणीको लेकर लोग  आक्रोशित हो गए । हिन्दू ‘आईटी सेल’ने तनवीर अलीके आपत्तिजनक ‘पोस्ट’का ‘स्क्रीनशॉट’ साझाकर समाचार ‘चैनल’को टैग करते हुए लिखा कि आपका कर्मचारी पवित्र पर्वको कलङ्कित कर रहा है । वह भी उस पर्वको जिसे समूचे विश्वमें हिन्दुओंद्वारा मनाया जाता है । हिन्दू ‘आईटी सेल’ने ‘मीडिया चैनल’से यह भी पूछा कि क्या वे इस प्रकारकी बातोंको बढावा देते हैं या पत्रकारके विरुद्ध कोई कार्यवाही की जाएगी ? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तनवीर अलीके विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो सामाजिक जालस्थलोंके माध्यमसे ‘चैनल’का बहिष्कार किया जाएगा; वहीं, अन्य ‘फेमिनिस्ट’ व ‘लिबरल गैंग’के सदस्योंने भी रक्षाबन्धनको कलङ्कित करने हेतु ‘सोशल मीडिया’पर अभियान चलाया । इसमें एक ‘टि्वटर यूजर’ने इस पर्वको असमानता और भेदभावका पर्व बताया । उधर बिहारकी सोनालीका कहना था कि राखी भाईकी कलाईपर ही क्यों बांधी जाती है ? क्यों भाई ही बहनकी रक्षा करेगा ? वह अपनी रक्षा स्वयं नहीं कर सकती ? इसलिए मैंने ‌स्वयंको ही राखी बांधनेका निर्णय लिया है ।
      यदि जिहादियोंके पर्वपर किसी हिन्दूने कुछ ऐसी टिप्पणीकी होती तो उसके विरुद्ध  ‘ईशनिन्दा’ अन्तर्गत एक ‘फतवा’ जारी कर दिया गया होता और राजनेता भी उसके पक्षमें ‘चाटुकारिता’ करते हुए दौड पडते; क्योंकि टिप्पणी करनेवाला व्यक्ति मुसलमान है; इसलिए वह दयाका पात्र है । अब आनेवाले कालमें यदि हिन्दुओंके एकमात्र राष्ट्रको इस्लामिक राष्ट्र बननेसे रोकना है व ऐसी गतिविधियोंपर अङ्कुश लगाना है तो ऐसे व्यक्तियोंके विरुद्ध हमें मुखर होकर बोलना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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