जिहादी पिता-पुत्रनें हिन्दू युवतीपर डाला ‘इस्लाम’ स्वीकारकर ‘निकाह’ करनेका दबाव, समूचे परिवारको मारनेकी दी धमकी


२७ अगस्त, २०२१
मध्य प्रदेशके खंडवा जनपदके पिपलिया क्षेत्रकी एक हिन्दू युवतीपर धर्मान्तरण और ‘निकाह’के लिए दबाव डालनेका प्रकरण उजागर हुआ है । आरोपी सलमान खान पिपलिया कला गांवकी रहनेवाली पीडिताको अत्यधिक समयसे प्रताडित कर रहा था । एक दिवस जब युवती जनपदके ‘एसएन कॉलेज’में प्रवेश प्रक्रिया हेतु गई तो सिंगोटके रहनेवाले सलीम खानके पुत्र सलमानने उसे मार्गमें ही रोक लिया व उसके साथ छेडछाडकर धमकी देते हुए कहा कि यदि वह धर्म परिवर्तनकर उससे ‘निकाह’ नहीं करेगी तो वह उसकी तथा उसके समूचे परिवारकी हत्याकर देगा । प्रताडनासे व्यथित होकर युवतीने इसकी सूचना अपने परिजनको दी, जिसके पश्चात परिवारके लोगोंने जनपद कोतवालीमें परिवाद प्रविष्ट कराया । ‘पुलिस’को दिए वक्तव्यमें पीडिताने यह भी बताया कि सलमान उसे गत कई दिवसोंसे चलभाषकर आपत्तिजनक सन्देश भी भेजता था । अब पीडिताने ‘पुलिस’से उसे व उसके परिवारको सुरक्षा देनेकी भी मांग की है ।
एक अन्य समाचारके अनुसार उत्तर प्रदेशके अलीगढ जनपदमें देहली ‘गेट थाना’ क्षेत्रके एक मुसलमान शाहरुखने, हिन्दू युवतीको वेश्यावृत्तिमें धकेलनेका प्रयास किया है । जिहादी शाहरुखने अपना छद्म नाम दीपक रखकर, हिन्दू युवतीको अपने प्रेमजालमें फंसा लिया और दो वर्षोंतक उस युवतीको अपने जिहादी होनेका भान भी नहीं होने दिया कि वह मुसलमान है । घूमानेके बहाने ले जाकर, उसने युवतीको भुजपुरा स्थित किसी अन्य घरमें पहुंचा दिया और वहां उसे बलपूर्वक मादक द्रव्य देकर वेश्यावृत्तिके लिए विवश करने लगा । इस दुष्कृत्तिमें जिहादीके परिजनने भी उसका सहयोग दिया । किसी प्रकार बचकर भाग जानेमें सफल होनेपर, युवतीको उसके परिचित हिन्दुत्ववादियोंने आश्रय दिया और पुलिसमें प्रकरण प्रविष्ट करवाया । युवतीने पुलिसको बताया कि वेश्यावृत्तिसे नकारनेपर, शाहरुख उसके पांवोंको ‘सिगरेट’से जलाया करता था और प्रताडित किया करता था । पूर्व महापौर शकुंतलाने भी ‘पुलिस’से ‘लव-जिहाद’के विरुद्ध कार्यवाही करनेके लिए कहा । ‘सीओ’ राघवेन्द्र सिंहने प्रकरण प्रविष्ट हो जानेपर आरोपियोंको बन्दी बनानेका आश्वासन दिया है ।
     जिहादियोंका ध्येय, किसी भी प्रकारसे अपनी जनसंख्या बढाना है और इसके लिए वे किसी भी सीमातक जा सकते हैं, जिसका प्रमाण उपर्युक्त प्रकरण है । अब लव जिहाद रोकनेका एकमात्र विकल्प, अन्तरधार्मिक    विवाहोंपर प्रतिबन्ध लगाना और कपटपूर्वक या दबाव डालकर किए जानेपर मृत्युदण्डका प्रावधान होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया 


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