मुसलमान होकर आपणीका (दुकानका) नाम ‘श्रीनाथ डोसा भण्डार !’ दृश्यपट सार्वजनिक होनेपर इरफानने प्रविष्ट कराई प्राथमिकी, मथुरा ‘पुलिस’ कर रही जांच
२९ अगस्त, २०२१
उत्तर प्रदेशके मथुरा जनपदमें ‘डोसा’ आपणीके (दुकानके) फलक फाडनेका एक दृश्यपट सार्वजनिक हो रहा है । इस दृश्यपटमें मार्गके निकट ‘रेहडी’से ‘श्रीनाथ डोसा’के नामके फलक बलात निकाले जा रहे हैं । प्राप्त जानकारीके अनुसार कुछ लोगोंको इस बातपर आपत्ति थी कि एक मुसलमान ‘दुकानदार’ इरफान हिन्दू नामके साथ अपनी आपणी क्यों चला रहा है ? दृश्यपटमें दर्शाई जा रही आपणीका नाम ‘श्रीनाथ डोसा भण्डार’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है । घटना नगर कोतवाली क्षेत्रके विकास हाटका बताया जा रहा है ।
दृश्यपटके अनुसार कुछ लोग आपणीके पास पहुंचे, उस समय एक व्यक्ति आपणीपर ‘डोसा’ बना रहा था । वहां पहुंचते ही उन्होंने ‘दुकानदार’का नाम पूछा, कार्यकर रहे कर्मियोंने अपना नाम इरफान निवासी मोहल्ला तकिया बताते हुए स्वामीको इसकी सूचना दी । ‘दुकानदार’ पहुंचा तो लोगोंने उससे इस बातका कारण ज्ञात किया कि मुसलमान होकर भी हिन्दू नामसे आपणी क्यों लगाते हो ?
वहां उपद्रव कर रहे लोगोंसे पूछा, “आप अपने ‘इस्लामिक’ नामका उपयोग क्यों नहीं करते हैं ? आप यहां हिन्दू धर्मका नाम लगाकर व्यापार कर रहे हो, यदि कोई हिन्दू तुम्हारे यहां भोजन नहीं करना चाहेगा तो नाम देखकर वह भी भोजन करने आएगा । इसे हटाकर अल्लाह, मोहम्मद साहब लिखकर विक्रय करो ।” इतनेमें फलक हटानेकी बात कही जाती है । फलकको हटा दिया जाता है और साथ ही आपणी लगानेको चेतावनी दी जाती है कि पुनः ऐसा किया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी ।
मुसलमान अब हिन्दू धर्मके नामका उपयोग कर अपना व्यवसाय चला रहे है और हिन्दू समाज इस बातको लेकर अत्यधिक क्रोधित है; क्योंकि यह करनेकी स्वतन्त्रता स्वयं संविधान देता है; अतः जबतक संविधानमें परिवर्तन नहीं होता हिन्दू स्वयं ध्यान दें कि केवल नाम देखकर किसी भी आपणीपर भोजन न करें और इस ‘फूड जिहाद’से बचें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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