पादरीके घरपर आक्रमणकर भीडने आदिवासियोंका ईसाई धर्मान्तरण बन्द करनेको कहा
३० अगस्त, २०२१
छत्तीसगढके कबीरधाम जनपदके एक गांवमें धर्मान्तरण करानेको लेकर पादरीको पीटनेका प्रकरण सामने आया है । २९ अगस्त, रविवारको १०० से अधिक लोगोंकी भीडने पादरीके घरमें घुसकर कथित रूपसे उसे और उसके परिवारको पीटा । एक ‘पुलिस’ अधिकारीके अनुसार, भीडने इस मध्य आदिवासी क्षेत्रोंमें ईसाई मिशनरियोंके धर्मान्तरणके विरुद्ध नारे भी लगाए ।
यह प्रकरण रविवार प्रातः लगभग ११ बजे का है । बताया जा रहा है कि भीड धर्मान्तरणके विरुद्ध नारे लगाते हुए पादरी २५ वर्षीय कवलसिंह परस्तेके घरमें घुस गई । उस समय उनके घरमें प्रार्थना चल रही थी । विवरणके अनुसार, परस्तेके घरमें तोडफोडकी गई और उनके परिवारके साथ मारपीट भी की गई ।
इस मध्य छत्तीसगढके क्रिश्चियन फोरमके अध्यक्ष अरुण पन्नालालने ‘पुलिस’ और राज्य शासनपर ईसाई प्रार्थना स्थलोंपर आक्रमणके प्रकरणोंमें उचित कार्यवाही नहीं करनेका आरोप लगाया है । अरुण पन्नालालने कहा, “यह एक बहुत ही भयावह (खतरनाक) प्रवृत्ति है, जो राज्यमें प्रचलित हो गई है और शासन इसे रोकनेमें विफल रही है । हम इस शासनके आलस्यपूर्ण व्यवहारसे बहुत आहत हैं ।”
जबतक हम हिन्दू स्वयं धर्म परिवर्तनका विरोध नहीं करेंगे, तबतक इसी प्रकार धर्म परिवर्तन होते रहेंगे । सभी आदिवासी अभिनन्दनके पात्र हैं । ऐसे ही सभी हिन्दुओंने आगे आना चाहिए और ‘मिशनरियों’ व धर्मान्तरण करानेवाले अन्य पन्थके लोगोंका अपने क्षेत्रोंमें वैध मार्गसे विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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