लक्षद्वीपका बहुसंख्यक ‘अच्छा’, मथुराका ‘अत्याचारी’, श्रीकृष्णकी नगरीमें मांस तथा मदिरा विक्रयपर प्रतिबन्धसे भडकी आरफा खानुम
१ सिंतबर, २०२१
उत्तर प्रदेशमें मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथकी शासनने निर्णय लिया है कि भगवान श्रीकृष्णकी नगरी मथुरामें मदिरा विक्रय नहीं होगी । तथाकथित पत्रकार आरफा खानुम शेरवानी उत्तर प्रदेश शासनके इस निर्णयसे भडक गईं । उन्होंने इसे ‘बहुसङ्ख्यकोंद्वारा अत्याचार’ बताते हुए कहा कि अब बहुसङ्ख्यक निर्णय ले रहे हैं कि अल्पसङ्ख्यक क्या खाएंगे ? क्या पहनेंगे और कैसे अपना जीवन व्यतीत करेंगे ? वहीं लक्षद्वीपपर उनके विचार वहांके बहुसङ्ख्यकोंके पक्षमें थे ।
अब मथुराके सातों नगरों वृंदावन, गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल, महावन और बलदेवमें मांस व मदिरा विक्रयपर प्रतिबन्धित करनेकी मांग कई वर्षोंसे की जा रही थी । सोमवार ३० अगस्त, २०२१ को जन्माष्टमीके अवसरपर यहां पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथने जनताकी इस मांगपर यह घोषित किया । इस मध्य उन्होंने ब्रजभूमिके विकास और इसे नूतन स्वरूप देनेपर भी चर्चा की ।
मुख्यमन्त्री योगीने इस मध्य कहा था, “चार वर्ष पूर्व २०१७ में यहांकी जनताकी मांगपर मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाओंको मिलाकर नगर निगमका गठन किया गया था । तत्पश्चात यहांके सात पवित्र स्थलोंको राजकीय रूपसे तीर्थस्थल घोषित किया । अब जनताकी इच्छा है कि इन पवित्र स्थलोंपर मदिरा और मांसकी विक्रय न किए जाए, तो मैं आश्वस्त करता हूं कि ऐसा ही होगा । जो लोग इन कार्योंसे जुडे हैं, उन्हें अन्य कार्योंका प्रशिक्षण देकर उनका पुनर्वास किया जाएगा ।”
यदि आप किसी राष्ट्रमें शरण लिए हो, तो आपको कृतज्ञ होना चाहिए; परन्तु कृतघ्नता इस कथित शान्तिप्रिय समुदायसे सीखनी चाहिए । क्या हिन्दुओंको अपने देशमें इतना भी अधिकार नहीं है कि देवस्थलोंपर सात्त्विकता बनाए रखने हेतु पैशाचिक कृत्योंका त्याग कर दिया जाए ? ऐसे लोगोंका सभी हिन्दुओंद्वारा विरोध किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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