३ सिंतबर, २०२१
नीदरलैंडके व्यवसायी एवं राजनीतिज्ञ ‘ग्रीट विल्डर्स’का २०१६ का एक चित्रपट (वीडियो) पुनः प्रसारित किया गया है । इस चित्रपटमें ‘ग्रीट’ने ‘इस्लाम’को एक दैत्य बताया था और ‘इस्लामपन्थियों’को सडे हुए सेबकी उपमा दी थी । ‘ग्रीट’ने अपने देशके प्रधानमन्त्री तथा जर्मनकी ‘चांसलर मेर्कले’पर आरोप लगाया था कि उन्होंने शरणार्थियोंके नामपर सीमाएं खोलकर, आतङ्कियों और जिहादियोंका आयात किया है । वहांके ९ लाखमेंसे ७ लाख मुसलमान, देशकी स्वतन्त्रताको नकारते हैं, जिससे देश सङ्कटमें पड गया है । ग्रीटने ‘इस्लामी’ समाजको हिंसक समाज घोषित करनेकी तथा संसदमें ‘इस्लाम’पर प्रतिबन्ध लगानेकी मांग की थी । ‘ग्रीट’ने मस्जिदोंको ध्वस्त करने तथा आन्दोलन करनेवाले जिहादियोंको और उनके साथ सहानुभूति रखनेवालोंको आजीवन कारावास देनेकी मांग की थी । ‘ग्रीट’ने कहा था कि सभी पाठशालाओंमें, समाचार पत्रों तथा ‘मीडिया’में भी ‘पैगम्बर’के ‘कार्टून’ दिखाकर बताएं कि हम किसीकी धमकियोंके समक्ष झुकनेवाले नहीं हैं, हमें हमारी स्वतन्त्रतापर गर्व है । जो हमारी स्वतन्त्रताके मूल्योंको सम्मान नहीं दे सकता, बाहर निकलकर भाग जाए और किसी इस्लामी देशमें जाकर, वहांके विधानोंका आनन्द ले । ‘जर्मनी’में एक शरणार्थी आतङ्कीद्वारा १५ नागरिकोंको गम्भीर रूपसे चोटिल किया गया था ।
एक छोटेसे देशके नागरिकोंमें स्वाभिमान इतना कूट-कूटकर भरा हुआ है; किन्तु इतने बडे भारत देशके किसी भी नेतामें, देशके प्रति लेशमात्र भी निष्ठा दृष्टिगोचर नहीं होती, यह लज्जाजनक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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