केला (भाग-४)


* मधुमेहके लिए लाभ : मधुमेहके लिए भी केलेमें गुण पाए गए हैं । यह ‘फाइबर’ जैसे पोषक तत्त्वोंसे समृद्ध होता है । ‘फाइबर’, ‘स्टार्च’, ‘विटामिन’, खनिज, ‘फाइटोकेमिकल्स’ और ‘एंटीऑक्सीडेंट’ सहित कई ‘बायोएक्टिव कम्पाउंड’का अनूठा मिश्रण होता है, जो श्रेणी-२ के मधुमेहसे सुरक्षा करनेका कार्य कर सकता है । केलेमें ‘पोटैशियम’ भी पाया जाता है, जो मधुमेहके उपचार और बचावमें सहायक भूमिका निभा सकता है ।
* अतिसार अर्थात ‘डायरिया’के लिए सहायक : ‘डायरिया’के लिए केला कारगर औषधिकी भांति कार्य करता है । यह ‘फाइबर’से समृद्ध होता है और ‘फाइबर बाउल’की गतिको नियन्त्रितकर ‘डायरिया’से मुक्ति दिलानेका कार्य करता है । ‘डायरिया’की स्थितिको सहन करनेके लिए, केला अधिक मात्रामें सेवन कर सकते हैं ।
* मादकतामें लाभप्रद : मादकतासे विचलित होनेपर, केलेका सेवन किया जाना चाहिए । ‘अल्कोहल’की अधिक मात्रासे, शरीरमें ‘पोटैशियम’ व ‘सोडियम’ जैसे खनिज असन्तुलित हो जाते हैं । शरीरमें ‘सोडियम’ व ‘पोटैशियम’का सन्तुलित मात्रामें होना, बहुत ही अनिवार्य होता है । ये शरीरमें तरलके स्तरको सन्तुलित बनाए रखनेके लिए सक्षम जाने जाते हैं । केला ‘पोटैशियम’से समृद्ध होता है, जो शरीरमें इसकी पुनः पूर्ति कर सकता है । साथ ही पेटमें वायुको भी शान्त करनेका कार्य कर सकता है । केलेमें ‘सोडियम’ भी होता है; किन्तु इसकी मात्रा नगण्य होती है ।
* ‘एनीमिया’के लिए : एनीमिया’ एक घातक रोग है, जो शरीरमें लाल रक्त ‘कोशिकाओं’की न्यूनतासे होता है । लाल रक्त कोशिकाओंके निर्माणमें ‘फोलेट’ महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । शरीरमें ‘फोलेट’की न्यूनता ‘एनीमिया’का कारण बनती है । केला एक गुणकारी फल है, जो ‘फोलेट’से परिपूर्ण होता है । एनीमियासे बचनेके लिए आहारमें केलेको अवश्य लेना चाहिए ।



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