झारखंड विधानसभामें ‘नमाज’के लिए दिया गया कक्ष
४ सिंतबर, २०२१
झारखंड शासनका एक बार पुनः मुसलमान प्रेम सामने आया है । राज्यके विधानसभामें भी ‘शान्तिप्रिय’ समुदायकी सुविधाका विशेष ध्यान रखा जा रहा है । उनके लिए ‘नमाज’ करनेके लिए पृथक कक्ष दिनांक, २सितम्बरको आवण्टित किया गया है । इस सम्बन्धमें विधानसभाके उप सचिव नवीन कुमारके हस्ताक्षरसे आदेश प्रस्तुत किया गया है ।
आदेशकी प्रतियां ‘वायरल’ होते ही असङ्ख्य प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं । झारखंड शासनपर तुष्टीकरणका आरोप लगाया जा रहा है । भाजपाके विधायकोंने इसे सर्वधर्म समभावकी मूल आत्माको कलङ्कित करनेवाला व तुष्टीकरणकी सर्व पराकाष्ठावाला निर्णय बताया । क्या विधानसभामें बहुसङ्ख्यक समाजके लिए मन्दिर या प्रार्थना कक्षकी व्यवस्था है ? ऐसी विभाजनकारी राजनीतिसे बचनेके लिए भाजपाके विधायकोंने झारखंडके शासनको सुझाव दिए ।
मुसलमान अपनी पन्थनिष्ठा व जनसङ्ख्याके बलपर अधिकांश राष्ट्रोंमें अपनी उद्दण्डताओंकी पूर्तिके लिए उत्तरदायी शासनको बाध्यकर पन्थका विस्तार कर रहे हैं; अतः हिन्दुओं कालकी पुकारका अभिज्ञानकर अपनी परिपक्वताका परिचय दें तथा स्वयंकी भक्ति, गुण, कौशल व पराक्रममें योग्य साधनाकर वृद्धि करें एवं हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करें । अपने लिए न सही, परन्तु आगामी पीढीको योग्य जीवन जीनेका अधिकार देनेके लिए ही करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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