सामाजिक जालस्थलपर फंसाया, गर्भवती होनेपर कहने लगा ईसाई बनो, हिन्दू युवतीको घरसे निकाला, ‘संजय मसीह’को ढूंढ रही है पुलिस


५ सिंतबर, २०२१
      मध्य प्रदेशके भोपालमें बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन करानेका प्रकरण सामने आया है । राज्यमें एक युवतीको ईसाई युवकद्वारा अपने प्रेमके चुंगलमें फंसाकर विवाह कर लिया, जिसके पश्चात उसे ईसाई बननेके लिए विवश किया जाने लगा । वहीं जब युवतीने अस्वीकार किया तो युवकने उसे घरसे निकाल दिया, जिसके पश्चात युवतीने ‘पुलिस’की शरण ली और युवकके विरुद्ध ‘पुलिस’में परिवाद किया । युवतीके परिवादपर ‘पुलिस’ने आरोपीके विरुद्ध मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियम २०२० में प्रकरण प्रविष्ट कर जांच आरम्भ कर दी है ।
      जानकारीके अनुसार, प्रकरण राजधानीके कोहेफिजा क्षेत्रका है, जहां २६ वर्षीय युवतीने ‘पुलिस’से प्रविष्ट परिवादमें बताया कि लगभग १ वर्ष पहले उसकी सामाजिक जालस्थलपर संजय सिंहसे भेंट हुई थी । जिसके बाद दोनोंके मध्य वार्ता आरम्भ हुई और प्रेम-प्रसंग आरम्भ हो गया । इसी मध्य निकटता बढी और युवती गर्भवती हो गई । पीडिताने यह भी बताया कि इस १ वर्षके मध्य दोनों ‘लिव-इन-रिलेशनशिप’में भी रहे । युवतीने आगे बताया कि जब उसने १९ अप्रैलको बच्चेको जन्म दिया । उसके बाद संजयने उसपर ईसाई बननेका दबाव बनाया । संजयका कहना था कि बच्चा ईसाई धर्ममें रहेगा और युवतीको भी धर्म-परिवर्तन करनेके लिए कहने लगा । वह बच्चेको ईसा-मसीहकी सेवाके लिए सौंपनेका दबाव बनाने लगा, जिसके पश्चात युवती स्तब्ध रह गई और उसने स्वयंका और अपने बच्चेका धर्म-परिवर्तन करनेसे स्पष्ट रूपसे अस्वीकार कर दिया ।
       यह बहुत चिन्ताकी बात है कि आधुनिकता एवं उचित संस्कारोंके अभावमें आजकल युवतियां कभी जिहादियोंके चंगुलमें फंसती है तो कभी ईसाइयोंके चुंगलमें । भारतीय संस्कृतिमें लज्जा महिलाओंका सबसे प्रमुख आभूषण होता था, परन्तु उचित संस्कारों एवं मार्गदर्शनके अभावमें आजकल महिलाओंकी यह सबसे बडी दुर्बलता बन चुकी है । इन सभी बुराइयोंसे बचने का एक ही उपाय है कि सभीको बाल्यकालसे ही धर्मका ज्ञान देकर धर्मनिष्ठ बनाया जाए । हिन्दुओ, अपनी युवा पीढीको उचित संस्कार दें और साधनाका बल बढाकर हिन्दूराष्ट्र की स्थापनाके लिए प्रयासरत हों । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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