‘निर्धन हूं, परेशानी है’, १५ वर्षकी युवतीने दिया ७५ तोला स्वर्ण, सामाजिक जालस्थल मित्र शिबीन और उसकी मां शाजिला बन्दी
७ सिंतबर, २०२१
केरलमें एक १०वीं कक्षाकी १५ वर्षीय युवतीकी शिबीन नामका एक व्यक्तिसे सामाजिक जालस्थलपर मित्रता हुई । वह अपनी निर्धनताका रोना रोता है । युवती पिघल जाती है । घरसे स्वर्ण निकालकर शिबीनको दे देती है । अब ‘पुलिस’ प्रकरणकी जांच कर रही है ।
जिस युवतीके साथ ठगी की गई है, उसकी मांने ‘पुलिस’को सारी जानकारी दी । पीडिताकी मांने घरसे ७५ तोला स्वर्ण लुप्त होनेके बारेमें ‘पुलिस’को बताया ।
तिरुअनंतपुरम ‘पुलिस’की जांचमें ज्ञात हुआ कि पीडित युवतीके घरमें बिछावनके नीचे एक डिब्बेमें स्वर्ण रखा हुआ था । सामाजिक जालस्थल मित्रकी निर्धनतापर पिघलकर युवतीने इसी डिब्बेसे स्वर्ण निकालकर शिबीनको दिया था । ‘पुलिस’ने शिबीनको बन्दी बना लिया है । उसकी मांका नाम शाजिला है, वह भी बन्दी बना ली गई है; क्योंकि मांकी ही सहायतासे शिबीनने युवतीद्वारा दिए गए स्वर्णको विक्रय किया था और उन पैसोंसे घरकी मरम्मत करवाई थी । १० लाख रुपए बच भी गए थे । बचे पैसोंको मां-बेटे आनन्दपूर्वकमें घरमें रखे हुए थे । ‘पुलिस’ने इन पैसोंको भी अधिग्रहित कर लिया है ।
जिहादी क्या-क्या कर सकते हैं ? वह हिन्दू सोच भी नहीं सकते ! वैसे इस सम्प्रदायमें मूल पूंजीपर ‘ब्याज’ लेना भी नहीं लेते; परन्तु ठगी, धोखाधडी आदि सब कैसे वैध है ? यह सब क्रियाकलाप ही बताते हैं कि मुसलमान कोई धर्म नहीं, वरन अराजक लोगोंका समूह है, जिससे प्रत्येक पल हिन्दुओंको सजग रहनेकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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