राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघकी तुलना ‘तालिबान’से करनेपर जावेद अख्तरको शिवसेनाने पढाया पाठ
७ सिंतबर, २०२१
‘बॉलीवुड’के गीतकार जावेद अख्तरद्वारा पुनः हिन्दू सङ्गठनोंके विरुद्ध विषवमन किया गया है । इस बार उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विश्व हिन्दू परिषदकी तुलना ‘तालिबान’से की । वहीं इस प्रकरणके पश्चात सोमवारको शिवसेनाने अपने मुखपत्र ‘सामना’के माध्यमसे उन्हें उचित उत्तर दिया और हिन्दू संस्कृतिके लिए यह अपमानजनक बताया तथा कहा कि वह अपने विचारोंपर पुनः विचार करें । शिवसेनाके ‘सामना’के सम्पादकीयमें लिखा गया कि इन दिनों कुछ लोग ‘तालिबान’की तुलना कर रहे हैं; क्योंकि उन्हें लगता है कि वह समाज और मानव जातिके लिए सबसे बडा सङ्कट है । वहीं पाकिस्तान और चीन, जो लोकतान्त्रिक देश नहीं हैं, वह भी अफगानिस्तानमें ‘तालिबान’का समर्थन कर रहे हैं; क्योंकि इन दोनों देशोंमें मानवाधिकारोंका कोई स्थान नहीं है; परन्तु भारत एक लोकतान्त्रिक राष्ट्र है; इसलिए ‘तालिबान’से संघकी तुलना करना अनुचित है । इन हिन्दूवादी संस्थाओंने किसीके अधिकारोंका दमन नहीं किया व कभी भी महिलाओंके अधिकारोंपर प्रतिबन्ध नहीं लगाया है । उल्लेखनीय है कि ३ सितम्बरको ‘एनडीटीवी’के एक कार्यक्रममें जावेद अख्तरने कहा था की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दलका समर्थन करनेवालोंकी मानसिकता भी ‘तालिबान’ जैसी है । उन्होंने इन सभी संगठनोंको ‘तालिबान’ समान हिंसक व जंगली बताया ।
भारतमें किसी भी कथित अल्पसङ्ख्यकको’ किसी भी प्रकारका वक्तव्य देनेका अधिकार है; परन्तु यदि किसी हिन्दूने इस्लामिक सङ्गठनके विरुद्ध कुछ कहा होता तो उस हिन्दूके उत्पीडन हेतु राष्ट्रद्रोहियोंका समूह सङ्गठित हो जाता है; अतः हिन्दुओ ! राष्ट्रके निर्माण हेतु सङ्गठित होइए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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