स्वतन्त्र ‘मस्जिदों’की मांग करनेवाले मुसलमानने, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ कहनेवाले टिकैतको दिया उचित सन्देश
८ सिंतबर, २०२१
उत्तर प्रदेशके मुज्जफरनगरमें, एक साधरण मुसलमानने, किसान नेता राकेश टिकैतको, अन्तर्जालपर एक सन्देश प्रेषित किया है, जिसमें उक्त मुसलमानने किसानोंद्वारा ध्वस्त की गईं, ११३ मस्जिदोंको पुनः लौटाए जानेकी मांग की है । उसने यह भी मांग की है कि मुज्जफरनगरमें हुए उपद्रवोंके उत्तरदायी, जाटोंकी ओरसे, वे क्षमा भी मांगे । टिकैत ‘अल्लाह-हू-अकबर’ बोलें; तथापि मुसलमान ‘हर-हर महादेव’ नहीं बोलेंगे ।
उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री आदित्यनाथके परामर्शदाता शलभ मणि त्रिपाठीने, यह सन्देश ‘ट्वीट’कर साझा करते हुए, मुख्य बिन्दुओंको उजागर किया है । उक्त साधारण मुसलमानने टिकैतसे कहा है कि ‘अल्लाह’ बोलनेसे उसके पाप नहीं धुल जाएंगे तथा न ही उसका प्रायश्चित हो जाएगा; क्योंकि यह एक पाखण्ड हो रहा है । उसने टिकैतसे कहा कि यदि वह मुसलमानोंको ओर हाथ बढाना चाहता है तो किसानोंद्वारा ध्वस्त की गईं, ११३ मस्जिदोंको सर्वप्रथम स्वतन्त्र कराए । उसने टिकैतसे पूछा कि कितने मुसलमान उसके साथ हैं तथा क्या ‘जमीयत उलेमा’के लोग भी उसके साथ हैं ?
‘अल्लाह-अल्लाह’ बोलनेवाले पाखण्डियोंको, यह भी समझमें नहीं आता कि मुसलमान किसीके भी मित्र नहीं हो सकते । वे (मुसलमान) स्वयंके भी मित्र नहीं हो सकते, चाहे उन्हें अफगानिस्तान जैसा एक पूरा देश ही क्यों न मिल जाए ? टिकैत जैसे पाखण्डी आन्दोलनकारी, स्वयंका तथा अन्योंका भी समय व्यर्थ करते हुए, देशको हानि पहुंचा रहे हैं । केन्द्र शासनद्वारा इस आन्दोलनको त्वरित प्रतिबन्धित किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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