महर्षि व्यास ! आपको सादर वन्दन है
नमोऽस्तु ते व्यास विशालबुद्धे फुल्लारविन्दायतपत्रनेत्र ।
येन त्वया भारततैलपूर्णः प्रज्वालितो ज्ञानमयप्रदीपः।।
हे महर्षि व्यास ! आपको सादर वंदन है , आपने अपने विशाल नेत्र और व्यापक ज्ञान से महाभारत रूपी दीप अपने ज्ञान स्वरूपी तेल से प्रज्ज्वलित किया !
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