राजस्थानमें मन्दिरोंके निकट मांसकी आपणी, महिलाओंसे अनुचित व्यवहार, २०० हिन्दू परिवार गृह त्यागको विवश
९ सिंतबर, २०२१
राजस्थानके टोंक जनपदके मालपुरा ‘कस्बे’में हिन्दू परिवार अपने घर विक्रयकर पलायनको विवश हैं ।
७ सितम्बर २०२१, मंगलवारको इस उपनगरके प्राय: १०० लोगोंने स्थानीय शासकीय अधिकारीको ज्ञापन देकर, इस समस्यासे अवगत करवाया । उन्होंने बताया कि १९९२ के उपरान्त, इस क्षेत्रमें मुसलमान जनसङ्ख्यामें वृद्धि होनेसे हिन्दू समाज असुरक्षित है तथा वे अपने घर विक्रयकर, वहांसे पलायनको विवश हो गए हैं । अभीतक प्राय: ६०० से ८०० हिन्दुओंके घर मुसलमानोंने क्रय कर लिए हैं । मांसकी आपणीके कारण निकटवर्तीय जैन तथा गुर्जर समाजके मन्दिर बन्द किए गए हैं । महिलाओंसे नित्य होनेवाले दुर्व्यवहारसे भी वहां हिन्दू व्यथित तथा भयभीत हैं ।
वहां १९९२ में साम्प्रदायिक उपद्रव हुआ था, जिसमें २५ लोगोंकी मृत्यु हुई थी । इसी प्रकार वर्ष २००० में उपद्रवमें १५ लोगोंकी हत्या हुई थी । वहांके हिन्दुओंने सुरक्षा हेतु प्रशासनसे याचना की है तथा घरोंके बाहर सूचनापट्ट लगाकर, अपनी व्यथा बतानेका प्रयास किया है । प्रशासनद्वारा सहायता मिलना तो दूर, उन्हें ऐसे सूचनापट्ट त्वरित हटानेके निर्देश मिले हैं तथा उनपर साम्प्रदायिक सौहार्द नष्ट करनेके आरोप प्रशासन लगा रहा है ।
जिस किसी क्षेत्रमें मुसलमान जनसङ्ख्यामें वृद्धि होती है, वहां हिन्दुओंका जीवन नारकीय हो जाता है । केरल, आन्ध्र, उत्तरप्रदेश, बंगाल जैसे अनेक प्रदेशोंसे ऐसी घटनाएं नित्य होती हैं । राजस्थानके कांग्रेस शासनका इसपर संज्ञान न लेना स्वाभाविक है; क्योंकि वह हिन्दू विरोधी शासन है । केन्द्र शासनको चाहिए कि संज्ञान लेकर वहांके हिन्दुओंको सुरक्षा प्रदान करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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