गोशालामें लगा दी आग, जीवित जलकर भस्म हो गईं ३ गर्भवती गायें, रात्रिके अन्धकारमें असामाजिक तत्त्वोंने किया कुकृत्य
१२ सिंतबर, २०२१
बिहारकी राजधानी पटनामें असामाजिक तत्त्वोंने एक गोशालामें आग लगा दी । आगसे गोशालामें बंधी तीन गर्भवती गायें जीवित जल गईं । यह घटना देर रात्रि गुरुवार, ९ सितम्बर २०२१ को जक्कनपुर ‘थाना’ क्षेत्रके करबिगहिया पानी ‘टंकी’ मार्ग स्थित एमएस ‘गैस एजेंसी’ हुई । गोशालामें आग लगानेकी घटनाके पश्चात, क्षेत्रमें तनाव बढ गया; यद्यपि समय रहते जक्कनपुर ‘थानेदार’ मुकेश कुमार वर्मा दल-बलके साथ घटनास्थलपर पहुंच गए एवं लोगोंको शान्त कराया ।
इस गोशालाका स्वामी राजेश कुमार है । इसे वह गत दो-ढाई वर्षोंसे सञ्चालित कर रहा है । गोशाला खुलनेके पश्चातसे ही पास-पडोसके कुछ लोग वहांसे उसे हटवाना चाहते थे । इस कारणसे, पूर्वमें कई बार विवाद भी हो चुका है । आशङ्का जताई जा रही थी कि विरोध करनेवालोंने ही आग लगाई होगी ।
राजेशका घर ‘खटाल’से कुछ अन्तरालपर है । उन्होंने बताया कि १२ बजे गोवंशकी देखरेख करनेके पश्चात, वे पुनः अपने घर चले गए थे । रात्रितक सब कुछ सामान्य था; किन्तु, शुक्रवार प्रातः वहांका दृश्य ही परिवर्तित था । पडोसियोंने राजेशको सूचना दी कि देर रात किसीने गोशालामें आग लगा दी । जिसमें वहां उपस्थित गोवंशकी जलकर मृत्यु हो गई । इस कारणसे वहांका वातावरण हिंसक होने लगा था । जक्कनपुरके ‘थानेदार’ मुकेश वर्माने वहां हिंसक होती परिस्थितिपर नियन्त्रण पाया ।
‘थानेदार’के अनुसार, आग कब एवं किन लोगोंने लगाई ? इसका पता नहीं चल पाया है । क्षतिपूर्तिके लिए ‘सीओ’से बात की गई है । ‘थाने’पर ही पशु चिकित्सा महाविद्यालयके वैद्यको बुलाकर मृत हुए पशुओंका अन्त्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) कराया गया है तथा नियम-विधानके अनुसार अन्तिम संस्कार कर दिया गया है ।
गोमाताके साथ हुई इस निर्दयताके लिए मनुष्य रूपी निशाचरोंको शीघ्रातिशीघ्र मृत्युदण्ड दिया जाना चाहिए । केन्द्र शासनको अब बिना विलम्ब किए गौमाताको राष्ट्र पशु घोषितकर, उनको हानि पहुंचनेवालोंको त्वरित ही मृत्युदण्डका दिए जानेका प्रावधान घोषित करना चाहिए । यही एकमात्र उपाय है, जिससे हम आस्थाकी प्रतीक गोमाताकी रक्षा कर पाएंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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