१२ सिंतबर, २०२१
छत्तीसगढमें धर्म परिवर्तनको लेकर राजनीति तीव्र हो गई है । राज्यमें अब इस घटनाको लेकर ‘भाजपा’ एवं कांग्रेस आमने-सामने है । गत दिवसोंमें, मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलद्वारा ‘भाजपा’ शासनके कार्यकालमें सबसे अधिक धर्म परिवर्तन होनेका आरोप लगाया था, जिसके पश्चात ‘भाजपा’की ओरसे उत्तर आया है ।
प्रदेशमें इस घटनाके तूल पकडनेके पश्चात ‘भाजपा’ने राज्यपालको ज्ञापन सौंपनेकी जानकारी दी है । भारतीय जनता दलके विधायक प्रदेशमें धर्मान्तरणकी घटनामें राज्यपाल अनुसुइया उइकेको ज्ञापन सौंपा है । ज्ञापनमें कहा गया है, “राजधानीसे सुदूर क्षेत्रोंमें धर्मान्तरण गतिविधियोंकी सूचना दी जा रही थी एवं बघेल शासन कार्रवाई करनेके स्थानपर, उनमें सम्मिलित लोगोंकी रक्षा कर रहा था ।”
वहीं, इस घटनापर बोलते हुए ‘भाजपा’ नेता बृजमोहन अग्रवालने कहा, “छत्तीसगढमें नित्य धर्मान्तरण हो रहे हैं एवं उन्हें रोकनेके प्रयास करनेवालोंके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है ।”
वहीं, पूर्व मुख्यमन्त्री रमन सिंहने कहा कि बस्तरसे सरगुजातक षड्यन्त्र पूर्वक शासनके संरक्षणमें बलपूर्वक ईसाई ‘मिशनरी’, धर्म परिवर्तन करवा रही हैं । उन्होंने कहा, ‘‘इसकी पराकाष्ठा दिखी, जब ‘थाने’के भीतर ‘मिशनरी’ कहती हैं कि धर्म परिवर्तन हम कर रहे हैं एवं करेंगे, जिसमें साहस हो रोक ले । ‘मिशनरी’ संविधानका सम्मान न कर, उसे जलानेकी बात कह रही हैं । यह स्पष्ट सङ्केत करता है कि उनके पीछे देशको अस्थिर करनेवाली शक्तियां कार्य कर रही है ।’’
बता दें कि इससे पूर्व, छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलने अपने शासनके अन्तर्गत बढते धर्मान्तरणके आरोपोंको अस्वीकार करते हुए कहा है कि राज्यमें ‘भाजपा’ शासनके अन्तर्गत सर्वाधिक गिरिजाघरोंका निर्माण किया गया था ।
कांग्रेस आरम्भसे ही देशद्रोहियोंका पोषण करती आई है तथा जब उसका वास्तविक रूप सार्वजनिक हो रहा है तो वह आरोप-प्रत्यारोपकी राजनीति करने लगती है । कांग्रेस यह भली-भांति समझ लें कि जिनका वे पोषण करते आए हैं, वे लोग समय आनेपर उन्हें भी नहीं छोडेगे । इसका प्रत्यक्ष उदाहरण, वे अफगानिस्तानको देखकर समझ सकते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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