मुसलमानने राजा पण्डित बनकर ३ बच्चोंकी मांको फंसाया, बलपूर्वक धर्मान्तरण तथा दहेज हेतु किया प्रताडित
१५ सितम्बर, २०२१
उत्तर प्रदेशकी ‘पुलिस’ने मोहम्मद अमीन खानको बन्दी बना लिया है । अमीनने तीन बच्चोंकी मां पूजा पांडेको फंसाने, उससे ‘दहेज’ मांगने एवं धर्म परिवर्तनके लिए प्रताडित किया गया है । तेलंगानाकी पूजा पांडे, अपने पति विशाल कुमारको तीन बच्चों सहित छोडकर, अमीनके प्रेमजालमें फंसकर, उसके साथ भागकर उत्तर प्रदेशके इटावा जनपदमें आ गई थी । वास्तविकता ज्ञात होनेपर पूजाने, अमीन खान तथा उसके परिवारवालोंके विरुद्ध शारीरिक व मानसिक रूपसे प्रताडित करने एवं मारपीट करनेका प्रकरण प्रविष्ट कराया है । मोहम्मद अमीनने अपना छद्म नाम राजा पण्डित बताया था एवं निकटता साध्य होनेपर, महिलाको प्रेमपाशमें डालकर भगा ले गया । आरम्भमें अमीनको उसने शान्ति उपनगरमें (कॉलोनीमें) रखा; तत्पश्चात वह उसे अपने गांव मसनाई ले गया । पूजाके अनुसार, अमीन खानके गांव पहुंचनेपर उसे ज्ञात हुआ कि वह एक मुसलमान है । अमीनके माता-पिता एवं परिवारवाने कुछ दिवसोंके पश्चात, उसे ‘दहेज’के लिए कष्ट देना आरम्भ कर दिया । उन्होंने महिलापर धर्मान्तरणका दबाव भी बनाया । पीडिताने अमीनपर उसके साथ बलपूर्वक शारीरिक सम्बन्ध बनाने एवं उसे ‘रिकॉर्ड’ करनेका भी आरोप लगाया । विरोध करनेपर अमीनने उससे भयादोहन (ब्लैकमेल) करना एवं दृश्यपटको (वीडियोको) अन्तर्जालपर साझा करनेकी धमकी दी । अमीनने उससे कुछ पत्रकोंपर हस्ताक्षर भी करवाए थे, जिन्हें वह पढ नहीं पाई थी; किन्तु पश्चातमें ज्ञात हुआ कि उन पत्रकोंपर हस्ताक्षर करवाकर, उससे इस्लाम स्वीकार करवाया गया था । अब वह हिन्दूसे मुसलमानमें परिवर्तित हो चुकी थी । अमीनने उसे ‘बुर्का’ पहननेके लिए विवश किया । हिन्दू होनेके कारण ‘बुर्का’ पहननेसे मना करनेपर, अमीनका परिवार क्रोधित हो गया । अमीनका परिवार उसे अपना नाम नसरीना रखनेके लिए विवश कर रहा था ।
उत्तर प्रदेश की ‘पुलिस’ने अमीनके परिवारवालोंपर उत्पीडनका प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है । ‘आईपीसी’की धाराओंके अन्तर्गत, ‘फ्रेंड्स कॉलोनी’के ‘थाना’ प्रभारी ‘एसएचओ’ द्वारा, सभी आरोपियोंको बन्दी बना लिया गया है । नारायणी सेनाके कार्यकर्ता अनुज पुरोहितने पीडिताकी सहायता करनेके लिए पूर्णतः साथ दिया है ।
धर्मकी अज्ञानताके कारण, मूर्ख स्त्रियां अपने सुखद परिवारको छोडकर किसीके संग भागनेके लिए उद्यत रहती हैं, जो जिहादी भी हो सकता है, जिसके ऐसे ही परिणाम निकलते हैं । हिन्दू सङ्गठनोंको संयुक्त रीतिसे परिवारोंको धर्मशिक्षणका देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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