धर्मान्तरण करनेवाले पंचायत चुनावमें नहीं हो पाएंगे सहभागी


१७ सितम्बर, २०२१
     झारखंडमें अब धर्म-परिवर्तन करनेवालोंको पंचायत चुनावमें सहभागी नहीं होने दिया जाएगा । बिरसा सरस्वती शिशु मन्दिर, तपकरामें जनजाति सुरक्षा मंचके तत्त्वावधानमें आयोजित बैठकमें सहसंयोजक सोमा उरांवने यह वक्तव्य देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान, मुखिया, प्रमुख और जिला परिषदका पद केवल अनुसूचित जनजातिके लोगोंके लिए ही है, जो अपने रीतियों और परम्पराओंका निर्वहन एवं संवर्धन करेगा । उन्होंने कहा कि जिन लोगोंने अपना धर्म-परिवर्तन कर लिया है, उन्हें पंचायत चुनावमें भाग नहीं लेने दिया जाएगा । इसके लिए सभीको शिक्षित होना होगा और अपने अधिकारोंसे सम्बन्धित नियमोंको जानना होगा । उन्होंने कहा कि पाहन, महतो, मुंडा, पानी भरवा इत्यादि अपनी परम्पराओंको त्याग रहे हैं, उसे उचित मार्गपर लानेकी आवश्यकता है । जो धर्मान्तरणकर, दूसरे पन्थमें चले गए हैं, उन व्यक्तियोंको पाहन, मुंडा, महतो, पानी भरवाके पदोंसे तुरन्त हटानेकी आवश्यकता है । उन्होंने ग्राम दुरूलामें ‘हो’ समुदायके आदिवासीसे ईसाई धर्म अपनानेवाले अमृत लालके शवको अपने श्मशानमें नहीं गाडने दिया । अमृतके परिवारके लोगोंद्वारा, उसके शवको  उसके घरके आङ्गनमें ही दबा दिया गया । ग्रामीणोंने ‘थाना’ प्रभारीसे परिवाद किया कि बाहरके लोग आकर गांवके लोगोंको भडकाते हैं तथा प्रलोभन देकर, भोले-भाले ग्रामीणोंको पुलिस-प्रशासनका भय दिखाकर धर्मान्तरण कराते हैं । उल्लेखनीय है कि गांवमें लगभग ११ परिवारोंने धर्मान्तरण किया है, उनका सामाजिक बहिष्कार भी किया गया है ।
      जिस प्रकार गांववासियोंने अपनी परम्पराओंको संजोए रखनेके लिए, धर्म परिवर्तित लोगोंका बहिष्कार किया है, इसके लिए वे सराहनाके पात्र हैं । इसी प्रकार सभी हिन्दू समुदायोंको प्रयत्न करते हुए, अन्य हिन्दुओंको धर्मान्तरण होनेसे बचाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution