मुंबईके पूर्व ‘एपीआई’ वाजेने किया रहस्योद्घाटन, कहा उद्धव शासनद्वारा १० ‘डीसीपी’के स्थानान्तरण हेतु लिए गए थे ४० करोड रूपए 


१७ सितम्बर, २०२१
    मुम्बई पुलिसके पूर्व ‘एपीआई’ सचिन वाजेने प्रवर्तन निदेशालयको दिए अपने वक्तव्यमें महाराष्ट्रके पूर्व गृहमन्त्री अनिल देशमुखपर गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया है कि देशमुखके कहनेपर उन्होंने ‘बार’ एवं ‘होटल’ स्वामियोंसे अवैध धन ‘वसूला’ था तथा परिवहन मन्त्री अनिल परबका नाम लेते हुए वाजेने दो मन्त्रियोंपर पूर्व ‘डीसीपी’ परमबीर सिंहद्वारा उनके स्थानान्तरणके आदेशकी अनुमति हेतु ४० करोड रूपए पुलिस उपायुक्तोंसे स्वीकार करनेका भी आरोप लगाया है । उन्होंने बताया कि महाराष्ट्रके दो मन्त्रियोंने ४० करोड रुपए ‘पोस्टिंग’के लिए थे । वाजेके अनुसार, प्रकरण जुलाई २०२० का है जब ‘डीसीपी’के स्थानान्तरण निर्देशपर महाराष्ट्रके गृहमन्त्री अनिल देशमुख व ‘कैबिनेट’ मन्त्री अनिल परब प्रसन्न नहीं थे और उन्होंने ही उस आदेशको निरस्त करनेका दबाव डाला था । वहीं तीन-चार दिवस पश्चात वाजेको ज्ञात हुआ कि कुछ धनके लेनदेनके पश्चात दूसरा आदेश जारी किया गया है । उन्होंने यह भी बताया कि उन ‘पुलिस’ अधिकारियोंसे ४० करोड लिए गए थे, जिसमेंसे २० करोड अनिल देशमुखने उनके निजी सचिव संजीव पलांडेके माध्यमसे तथा शेष २० कोटि ‘आरटीओ’ अधिकारी बजरंग खरमाटके हाथोंद्वारा स्वीकार किए थे ।
    आजके म्लेच्छ राजनेताओंद्वारा उत्कोच स्वीकार करना कोई आश्चर्यकी बात नहीं है । यह राजनेता इसी प्रलोभनमें ही राजनीतिमें प्रवेश करते हैं । वहीं आज राष्ट्रमें प्रजातन्त्र एक प्रकारसे प्रजाके उत्पीडनका तन्त्र बन गया है; अतः अब लोकतन्त्रके स्थानपर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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