मुंबईमें ४ शिक्षण (कोचिंग) संस्थानोंका शिक्षक रिजवान वास्तवमें आतङ्कियोंका सहायक


२१ सितम्बर, २०२१
      ‘महाराष्ट्र आतङ्करोधी दस्ते’ने (एटीएसने) रिजवान इब्राहिम मोमिन नामके एक संदिग्ध आतङ्कीको १९ सितम्बर, रविवारको बन्दी बनाया है । वृत्तिसे वह शिक्षक है और मुंबईमें चार शिक्षण (कोचिंग) संस्थानोंको चलाता है । देहली ‘पुलिस’ने जिस आतङ्की ‘मॉड्यूल’का उजागर किया है, उसीसे संलिप्तताको लेकर रिजवानको बन्दी बनाया गया है । जाकिर हुसैन शेखने पूछताछमें उसका नाम लिया था । शेखको ‘एटीएस’ने १८ सितम्बरको पकडा था । शेखके सम्पर्क, देहली ‘पुलिस’द्वारा बन्दी बनाए गए, ६ आतङ्कियोंमेंसे एक जान मोहम्मदसे जुडे हैं । शेख पाकिस्तानके ‘हैंडलर्स’के सम्पर्कमें भी था । जान मोहम्मद शेख अर्थात समीर कालिया वाहन चालक है और आतङ्की षड्यन्त्रके लिए शस्त्र एकत्रित करने और लक्ष्य साधनेका कुकृत्य करता था । यह सत्य भी उजागर हुआ कि २००१ में उसे यौन शोषणके एक प्रकरणमें बन्दी बनाया गया था । वह सीधे दाऊद इब्राहिमके भाई, अनीस इब्राहिमके सम्पर्कमें था । वह आतङ्कियोंको अभिज्ञान पत्र (आईडी) और सैन्य तन्त्र (लॉजिस्टिक) प्रदान करानेका कुकृत्य करता था । जांच अभिकरणके (एजेंसी) अनुसार, ‘आईएसआई’के इस षड्यन्त्रका वित्तपोषण (फंडिंग) अनीस ही कर रहा था ।
      विभिन्न राज्योंसे पकडे गए, इन आतङ्कियोंके लक्ष्यपर ६ राज्योंके १५ नगर थे । नवरात्र और रामलीलाके मध्य जनसमूहोंको आतङ्कित करनेका नियोजन भी था । कुछ सुप्रसिद्ध व्यक्ति भी इनके लक्ष्यपर थे । इनके पाससे विस्फोटक भी मिले थे ।
    कुटिल ‘इस्लामिक’ राष्ट्रों सहित पाकिस्तानको उचित पाठ पढाना अवश्यम्भावी हो गया है, अन्यथा भारतमें रह रहे जिहादियोंका षड्यन्त्र इसी प्रकार चलता रहेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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