धर्म परिवर्तनके आरोपमें उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने पादरीको बनाया बन्दी
२७ सितम्बर, २०२१
उत्तर प्रदेशके इटावा जनपदमें बलपूर्वक धर्मान्तरण करानेके आरोपमें गिरिजाघरके पादरीको अभिरक्षामें लिया गया है । प्रकरण बकेवर थाना क्षेत्रका है । समाचारके अनुसार शनिवार, २५ सितम्बरको हिन्दूवादी सङ्गठनके कार्यकर्ताओंने लखना ‘पुलिस’ थानेमें परिवाद प्रविष्ट कराया था कि ईकरी तिराहेके समीप एक घरमे धर्म परिवर्तनका कार्य बृहद स्तरपर चलाया जा रहा है । इसीके आधारपर ‘पुलिस’द्वारा आरोपीको उक्त स्थानसे बन्दी बनाया गया । प्रतिवेदनके अनुसार, इस प्रकरणके मध्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघसे सम्बन्धित लोग भी उपस्थित थे । पादरी महाटौली गांवका रहनेवाला है । उसके स्वयंके दोनों बच्चे अन्य जनपदमें रहकर पढाई कर रहे हैं । उसने बताया कि वह बकेवरके लुधियानी क्षेत्रके नगला मिलक गांवमें स्थित गिरिजाघरमें यीशुकी प्रार्थना कराता है और उसे दानमें मिले धनसे उसका घर चलता है । उसने यह भी बताया कि यीशुके विषयमें अन्यको जानकारी देना उसे अच्छा एवं सहज लगता है । पुलिसका कहना है कि वह आरोपीके दृष्टिकोणकी जांचमें संलग्न है व जांचके पश्चात ही स्पष्ट हो सकेगाके वह धर्मपरिवर्तनके कार्य में लिप्त है अथवा नहीं ? उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेशमें अवैध धर्मान्नतरणके प्रकरणमें निरन्तर वृद्धि दृष्टिगत हो रही है । अभी कुछ दिवस पूर्व ही अवैध धर्मान्तरण अन्तर्गत मौलाना कलीम सिद्दीकीको बन्दी बनाया गया था ।
समाचार स्पष्ट करता है कि धर्मान्तरणका षड्यन्त्र सम्पूर्ण भारतमें कितनी सरलतासे चलाया जा रहा है । यदि समय रहते प्रदेश व केन्द्र शासनद्वारा धर्मान्तरण विरोधसे सम्बन्धित कुछ उचित निर्णय नहीं लिए गए, तो आनेवाले कालमें भारतमें हिन्दू अल्पसङ्ख्यक समान ही दृष्टिगत होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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