हत्याओंके लिए कुख्यात हैं बांग्लादेशके मुसलमान घुसपैठिए, १९८३ में कांग्रेसने स्थापित किया था
२८ सितम्बर, २०२१
दरांग जनपदमें २३ सितम्बर, २०२१ को जब ‘पुलिस’ अतिक्रमणकारियोंसे भूमि रिक्त कराने गई तो १० सहस्र जिहादियोंने उनपर आक्रमण किया, जिससे ११ ‘पुलिसकर्मियों’की स्थिति गम्भीर है । इसके पश्चात, वामपन्थी समर्थक राज्यमें हिमंता बिस्वा सरमाके नेतृत्वको दुष्प्रचारित करनेमें जुटा है कि ‘भाजपा’ शासन मुसलमानोंके विरुद्ध हिंसा कर रहा है ।
दरांग जनपदकी यह घटना असामान्य नहीं थी; क्योंकि उस क्षेत्रमें रहनेवाले लोग हत्याओं और मारपीटमें अभ्यस्त हैं । १९७५ से ही यहां बांग्लादेशी घुसपैठियोंका अतिक्रमण सतत हो रहा है, जिन्होंने ७७ सहस्र एकड ही नहीं; वरन ५ सहस्र वर्ष पुरातन शिव मन्दिरकी भूमि भी अतिक्रमित कर ली है, जिससे असमके आदिवासियोंकी संस्कृति न केवल लुप्त हो रही है; अपितु आर्थिक रूपसे भी उन्हें क्षति पहुंच रही है ।
१९८३ चुनावसे पूर्व कांग्रेसने अवैध बांग्लादेशके घुसपैठियोंको आमन्त्रितकर यहां स्थापित किया । धौलपुर शिव मन्दिरके सचिवने बताया कि १९८० में यहां ३६ परिवारोंको स्थापित किया था । उसी समय बांग्लादेशके मुसलमान घुसपैठियोंने मन्दिरकी ५०० बीघा भूमि अतिक्रमित कर ली थी और उसके पश्चात अतिक्रमणके कुचक्रने विस्ता कर विकराल रूप ले लिया है ।
जिहादी, जनसमूहके बलपर ‘गजवा-ए-हिन्द’की दुःसंकल्पनाके लिए कृतिशील हैं; अतः जितनी शीघ्र इस राष्ट्रमें, धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्रके लिए कृतिशील होकर, इसकी स्थापना की जाए, उतना ही श्रेयस्कर होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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