नैनीतालके पर्यटन व्यापारमें बढा बाहरी मुसलमानोंका प्रवेश, ‘डेमोग्राफी’में परिवर्तनपर गुप्त विभाग सतर्क


२८ सितम्बर, २०२१
      उत्तराखंडके नैनीताल क्षेत्रकी ‘डेमोग्राफी’में मुसलमानोंकी बढती जनसंख्याके कारण अधिक परिवर्तन देखा जा रहा है । यहांके स्थानीय नागरिक और पहाडी लोग ‘डेमोग्राफी’ में हो रहे परिवर्तनसे चिन्तित हैं । जनपद स्तरपर इसकी जांचके लिए दल गठित हुआ है ।
       उच्च न्यायालयके अधिवक्ता नितिन कार्कीने इस ‘डेमोग्राफिक’ परिवर्तनके सम्बन्धमें आगाह करते हुए कुछ दिवस पूर्व ही जनपद प्रशासनके माध्यमसे मुख्यमन्त्रीको ज्ञापन सौंपा है ।
      इसके पश्चातसे शासनद्वारा गुप्त विभागोंको सतर्क रखा गया है और विभागका मानना है कि नैनीतालमें घोडा, ‘टैक्सी’, नौका संचालन, ‘टूरिस्ट गाइडिंग’, विश्रामालय इत्यादिको ‘लीज’पर लेनेमें मुसलमान समुदायका हस्तक्षेप बढा है । इनमेंसे अधिकतर  विशेषकर रामपुर, दडियाल, स्वार, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुरके रहनेवाले हैं ।
     सङ्कटका विषय तो ये है कि ‘CRST’ विद्यालयके पीछे ऊपरी पहाडी, बारापत्थर समेत अन्य संवेदनशील व प्रतिबन्धित क्षेत्रोंमें प्रथम कच्चे घर बनाए गए, तत्पश्चात रातोंरात पक्के अवैध निर्माण कर लिए गए हैं । कई स्थानोंपर अवैध अतिक्रमणके भी परिवाद मिले हैं ।
   उत्तराखंडके मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामीने आश्वस्त किया कि ये जांच किसी समुदाय विशेषको लक्ष्य बनाकर नहीं की जा रही है । उन्होंने कहा, “बहुत विचार-विमर्श करनेके पश्चात ही शासनने यह पग उठाया है । पलायन और जनसंख्या असन्तुलन चिन्ताका विषय है ।”
          उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन विभागके पूर्व अध्यक्ष रह चुके बिष्टने कहा था, ”देवभूमिमें समाजके कुछ विधर्मी लोग अराजकता फैलानेका प्रयास कर रहे हैं, जिसे रोकनेके लिए आज पूरा हिन्दू समाज एकजुट हुआ है । ये मुसलमान आरम्भमें आपके पैर पकडने आएंगे । उसके पश्चात आपसे हाथ जोडेगे और विनती करेंगे; परन्तु जब यही १ से १० हो जाते हैं तो आप इनकी गलीमें घुस भी नहीं सकते हैं ।”
         अब हिन्दू समाजके साथ-साथ प्रशासनको भी समझ आ रहा है कि जिहादियोंका ‘लैंड जिहाद’ एवं ‘लव जिहाद’ घातक षड्यन्त्र है । इन सबको विधानानुसार उचित दण्ड देकर बाहर किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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