छातीमें चाकू घोंप सन्नी सिन्हाकी हत्या करनेवाला मोहम्मद लाडला बन्दी


२३ सितम्बर, २०२१
      बिहारके पूर्णियामें २५ वर्षीय युवककी हत्याके प्रकरणमें मुख्य आरोपित मोहम्मद लाडलाको बन्दी बना लिया गया है । लाडलाने सन्नी सिन्हा नामक युवककी हत्या १३ सितम्बरको की थी; किन्तु उसको अब जाकर बन्दी बनाया गया है । लाडलाने सन्नीके छातीमें चाकू घोंप दिया था । आक्रमणके पश्चात परिजन सन्नीको चिकित्सालय ले गए; किन्तु उसकी मृत्यु हो गई ।
       ‘पुलिस’ इस घटनामें अपना अन्वेषण कर रही है । इस मध्य उन्हें मोहम्मद लाडलाके ‘फेसबुक’से कुछ भडकाऊ ‘पोस्ट’ मिले हैं । आरोपितने अपने ‘फेसबुक’के ‘बायो’में लिखा है, “सुन लो ‘आरएसएस’, बजरंग दलवालों हम दल नहीं ‘खौफ’ बनाते हैं इसलिए मियांभाई कहलाते हैं ।”
      जानकारीके अनुसार, मृतक सन्नी सिन्हा पूर्णियामें ‘उज्जवला स्मॉल फाइनेंस बैंक’में कार्य करता था । उसकी हत्या घरसे कुछ ही दूरीपर की गई । घटनामें सन्नीकी मांने १४ सितम्बरको खजांची हाट ‘थाने’में प्राथमिकी प्रविष्ट कराई । परिवारने बताया कि १३ सितम्बरको उनके घरमें छठी कार्यक्रम चल रहा था; किन्तु रात्रिके लगभग ९:३० बजे जामा मस्जिदसे सटी गलीके रहनेवाले मोहम्मद लाडलाने उनके पुत्रको बुलाया और कुछ कहासुनीके पश्चात उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई ।
      घटनासे आक्रोशित स्थानीय लोगोंने कहा कि सिन्हाकी हत्या इसलिए की गई; क्योंकि ‘पुलिस’ने समयपर और उचित कार्रवाई नहीं की ।
       बिहार राज्यके कथित धर्मनिरपेक्ष शासनकी बिहार पुलिस एवं प्रशासनके संरक्षणके कारण ही ऐसे जिहादी सार्वजनिक रूपसे उपद्रव और हत्या कर, अराजकता फैला रहे हैं । हिन्दुओंको स्वयं ही सङ्गठित होकर, इसका प्रतिकार करने हेतु सज्ज रहना होगा । अब अन्य कोई पर्याय शेष नहीं है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution