‘साडी स्मार्ट ड्रेस नहीं’ देहलीके अकीला जलपानगृहने रोका महिलाको, ओछी मानसिकतापर भडके लोग


२२ सितम्बर, २०२१
       अनिता चौधरीद्वारा अन्तर्जालपर एक दृशयपट साझा किए जानेको लेकर, उन्हें लोगोंका अत्यधिक समर्थन प्राप्त हो रहा है एवं वे लोग ऐसी ओछी मानसिकताकी आलोचना भी कर रहे हैं । घटना देहलीके एक जलपानगृह ‘अकीला रेस्टोरेंट’ की है । जहां अनिता नामक महिला अपनी पुत्रीका जन्मदिन मनाने हेतु १९ सितम्बरको गई थीं; किन्तु उन्हें साडीमें देखकर, कर्मचारियोंने भीतर जाने देनेसे मना कर दिया गया । वहांके कर्मचारियोंने प्रथम, परिधानपर वार्तालाप किया और तब उनकी बेटीकी आयु न्यून बताकर उन्हें रोकने लगे । इस घटनाके सम्बन्धमें अनिताने अन्तर्जालपर अपनी बात रखते हुए पूछा कि उन्हें बताया जाए कि यदि साडी ‘मॉर्डन’ या ‘स्मार्ट आउटफिट’ नहीं है तो कौनसे परिधानको पहनना ‘स्मार्ट आउटफिट’ कहलाएगा । अनिताका कहना है कि आजके समयमें विदेशी मानसिकताका आधिपत्य हो रहा है । अनिताने छोटी ‘स्कर्ट’को भी अनुचित न बताते हुए कहा कि वह किसी भी वस्त्रके विरुद्ध नहीं है; क्योंकि लडकियां किसी भी प्रकारके परिधानको पहन सकती हैं । उसी प्रकार वह भी अपनी साडीसे प्रेम करती हैं और उन्हें साडी पहनना अच्छा लगता है । यदि भारतमें साडीको ‘स्मार्ट आउटफिट’ नहीं माना जाता है तो उन्हें बताया जाए कि वे कौनसे वस्त्र हैं, जिन्हें ‘स्मार्ट आउटफिट’ माना जाता है ।
        उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष मार्च २०२० में भी देहलीके एक जलपानगृहमें ऐसा प्रकरण आया था । उस समय वसंत कुंजके एक ‘रेस्टोरेंट’में महिलाको साडीके कारण भीतर नहीं जाने दिया गया था । वह महिला गुरुग्रामके निजी विद्यालयकी मुख्याध्यापिका संगीता नाग थीं, जिनसे वहांके कर्मचारियोंने कहा था, “यहां पारम्परिक परिधानमें आनेवालोंकी प्रविष्टि निषेध है ।”
       निकृष्ट मानसिकताकी विचारधाराओंसे देशकी परम्पराओं और संस्कृतिको नष्ट करनेवाले, किस गर्तमें स्वयंको धकेल रहे हैं, उन्हें स्वयं समझमें नहीं आ रहा है । उपर्युक्त प्रकरणमें उक्त संस्थानपर वैधानिक कार्यवाही की जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution