विवाहित पादरीने किया विधवासे निरन्तर दुष्कर्म, गर्भवती होनेपर दी घातक गर्भपातकी औषधि
३० सितम्बर, २०२१
छत्तीसगढमें धर्मान्तरणकर दुष्कर्म करनेवाले एक ४३ वर्षीय विवाहित पादरी बाबूलाल नागको बन्दी बनाया गया है । प्रदेशके नक्सल प्रभावित दंतेवाडा जनपदमें गीदम नगरके गिरिजाघरके विवाहित पादरीने महिलाको विवाहका झांसा देकर कई बार उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाया । इस मध्य ३५ वर्षीया विधवा पीडिता गर्भवती हो गई, तो उसने पादरीको शुभ समाचारसे अवगत कराया । पादरीने उसे गर्भ गिरानेवाली औषधियां क्रयकर खिला दीं, जिससे महिलाका स्वास्थ्य बिगड गया । ‘पुलिस’के अनुसार, स्वास्थ्य बिगडनेपर पडोसियोंने महिलाको चिकित्सालय पहुंचाया, जहां गम्भीर अवस्था देखकर चिकित्सकोंने जनपदके चिकित्सालयमें भेज दिया ।
महिलाकी एक बेटी भी है और उसके पतिका देहान्त १२ वर्ष पूर्व हो गया था । महिला अपनी बेटीको सास-ससुरके पास छोडकर स्वयं श्रमिकका कार्यकर जीवनयापन करने लगी थी; किन्तु आर्थिक कठिनाई होनेपर ‘मिशनरी’के लोगोंसे महिलाका सम्पर्क हुआ । उन्होंने महिलाको धन देकर धर्मान्तरण भी करवाया । पादरीने महिलाको रहनेके लिए दूसरा घर भी दिया था । झांसा देकर दो वर्षोंतक दुष्कर्म करते रहनेके आरोपमें ‘पुलिस’ने उसे बन्दी बना लिया ।
परिस्थितियोंका लाभ उठाकर ईसाई भी धर्मान्धोंकी भांति, हिन्दू युवतियों और महिलाओंका धर्मान्तरण करनेसे नहीं चूकते । ऐसे धर्मद्रोहियोंको गिरिजाघरमें नहीं; अपितु कारावासमें ही रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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