झारखंडके हुसैनी कर्बलामें ‘चेन’से बन्धी हिन्दू लडकीको छुडाया, ‘मौलवी’ रफीक करता था यौन शोषण


२९ सितम्बर, २०२१
       झारखंडके जमशेदपुरमें विश्व हिन्दू परिषदने १९ सितम्बर २०२१ को एक इमामबाडामें लोहेकी ‘चेन’से बांधकर रखी गई हिन्दू लडकीको मुक्त कराया । यह इमामबाडा बिष्टुपुर ‘थाने’के बोधनवाला ‘गैरेज’के पीछे बह रही खरकई नदीके किनारे स्थित है ।
     २४ वर्षीय युवती परसुडीहके मक्कडपुर स्थित मुंशी ‘मोहल्ले’की रहनेवाली है । उसके परिवारवालोंको शंका थी कि उसपर ‘भूत सवार’ है । वे उसे उपचारके लिए इमामबाडा ले गए, जहां‌ ‘मौलवी’ रफीकने उसे ‘जंजीरों’से बांध दिया‌ ।
     लडकी गत एक माहसे ‘भूत भगाने’के ‘दौर’से ‘गुजर’ रही थी । इस मध्य उसके पिता उसके साथ थे । हिन्दू पीठ कार्यालयमें दिए गए वक्तव्यमें लडकीने कहा कि उसे मादक पदार्थ मिला हुआ पानी दिया गया था, जिससे वह यह नहीं समझ पा रही थी कि उसके साथ क्या हो रहा है ? लडकीने कहा, “रफीक मुझे ‘जंजीरों’से बांधता था और उसके पश्चात मेरा यौन शोषण करता था ।”
      जिस दिन लडकीको बचाया गया, उस दिन विश्व हिन्दू परिषद जमशेदपुर महानगरके जिलाध्यक्ष अजय गुप्ताने ‘मीडिया’को बताया कि इमामबाडामें लडकी अत्यधिक दयनीय स्थितिमें मिली थी । उन्होंने आरोप लगाया कि लडकीके माता-पिताका धर्मान्तरण करानेके लिए भडकाया गया था । उन्होंने कहा कि लडकीके पिता और सौतेली मां सङ्गठनका सहयोग करनेके स्थानपर इमामबाडेके ‘मौलवी’का पक्ष ले रहे थे ।
      उपर्युक्त प्रकरणको देख समझमें आता है कि हिन्दुओंकी स्थिति कितनी दयनीय है ! अब हिन्दू अपने धर्म एवं आस्थाको त्याग, मौलवियोंके जालमें फसने लगा है; अतः हिन्दुओंको धर्म शिक्षण देना, अब कालकी मांग है । हिन्दू बहुल देशमें हिन्दू नाम मात्र सुननेको रह जाए, इससे पूर्व हमें मिलकर (हिन्दू सङ्गठनोंके साथ) कठोर पग उठने होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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