सरफराजके भ्रमणभाषसे (मोबाइलसे) ‘लिव-इन निकाह’ तथा धर्मान्तरण एवं विदेशी निधिकरण (फण्डिंग) हेतु मिले कई प्रमाण
८ अक्टूबर, २०२१
अवैध धर्मान्तरणके प्रकरणमें बन्दी ‘मौलाना’ कलीम सिद्दीकीके सहयोगी सरफराज अली जाफरीको भी बन्दी बना लिया गया है । ‘पुलिस’को आरोपी सरफराज अलीके दूरभाष यन्त्र मेंसे कई विशेष साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिनमें हिन्दू युवतियोंसे ‘लिव-इन’में रहकर ‘निकाह’ करनेके भी प्रमाण प्राप्त हुए हैं । सरफराजको अमरोहा जनपदसे बन्दी बनाया गया । भारतके सबसे बडे धर्मान्तरण सङ्गठनको चलानेके आरोपी ‘मौलाना’ कलीम सिद्दीकीके साथ मिलकर सरफराज कार्य कर रहा था । जाफर ‘रिहैब’ और ‘दावा व्हाट्सएप’ गुटका भी सदस्य भी था । इसीकेद्वारा उसके सङ्गठनके लोगोंने धार्मिक घृणा फैलानेके साथ ही लोगोंको प्रलोभन देकर, मुसलमान धर्मको अपनानेके लिए प्रेरित किया करते थे । इस सङ्गठनके सदस्य कार्य दिलानेके बहाने वचनबद्ध हो जाया करते थे और इसी कारण ‘मौलाना’ सिद्दीकीसे अवैध धनकी प्राप्ति होती थी ।
हिन्दू युवतियोंको कपटपूर्ण नीतिसे फंसाकर, उनका जीवन नर्कमय बनानेके लिए जिहादियोंका स्तर कितना निम्न हो सकता है, यह अब इन धर्मान्धोंपर निर्भर करता है । नवयुवतियोंको ऐसे अधमोंसे कोई भी सम्पर्क नहीं रखना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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