‘ईद-ए-मिलाद’के मध्य देशके कई भागोंमें उपद्रव, मध्य प्रदेशके धारमें ‘बैरिकेड तोडा’, कानपुरमें ‘लाउडस्पीकर’ लगानेको लेकर ‘पुलिस’से झडप
१९ अक्टूबर, २०२१
इस्लामके अनुयायी ‘पैगम्बर’ मोहम्मदके जन्मदिनको ‘ईद-ए-मिलाद’के रूपमें मनाते हैं । ‘पैगम्बर’के जन्मदिनको मनानेके मध्य देशके विभिन्न स्थानोंपर उपद्रवके समाचार आ रही हैं ।
मध्य प्रदेशके धारमें मंगलवारको ‘ईद-ए-मिलाद’के अवसरपर सवेरे ९ बजे कुछ लोग ‘जुलूस’ निकालनेके लिए गुलमोहर ‘कॉलोनी’में लगभग २००० लोग एकत्रित हुए थे; उसके पश्चात यह जनसमूह ‘बस स्टैंड’ होते हुए पिंजारवाडा पहुंचा । ‘पुलिस’ने इस क्षेत्रको प्रतिबन्धित घोषितकर अवरोधक लगा रखे थे । इसके अतिरिक्त ‘जुलूस’में सम्मिलित कुछ लोगोंने ‘बैरिकेड’को तोडनेका प्रयास किया और जब ‘पुलिस’ने रोका तो उनके साथ ‘धक्कामुक्की’ करने लगे । जनसमूह ‘सिपाहियों’पर ‘पत्थरबाजी’ करने लगा । इसके पश्चात ‘पुलिस’ने लाठी चलाकर, जनसमूहको ‘तितर-बितर’ किया ।
वहीं, उत्तर प्रदेशके बरेलीमें ‘जुलूस’में ‘लाउडस्पीकर’ बजानेको लेकर ‘पुलिस’ और लोगोंके मध्य ‘नोकझोंक’ हो गई; इसके पश्चात जनसमूहने ‘पुलिस’का घेराव किया; यद्यपि ‘पुलिस’के दबावमें ‘लाउडस्पीकर’ उतारना पडा । ‘पुलिस’का कहना था कि अबतक जैसे ‘जुलूस’ निकलते रहा है, वैसे ही निकलना चाहिए । पूर्वमें ‘जुलूस’के मध्य ‘लाउडस्पीकर’का प्रयोग नहीं किया जाता था ।
धारके कलक्टर डॉ. पंकज जैनने बताया कि ‘पुलिस’ प्रकरणकी जांच कर रही है और ‘जुलूस’ समाप्त होनेके पश्चात, जिन लोगोंने नियमोंको तोडा है, उनपर कार्रवाई की जाएगी । झडपमें अभीतक किसीके चोटिल होनेका समाचार नहीं है ।
जिहादी अवसरकी खोजमें रहते है कि कब अवसर मिले और वह अपने आतङ्की रूपका सर्वत्र प्रदर्शन कर सके । धार और उत्तर प्रदेशमें भी यही हुआ और स्थिति बिगाडनेका प्रयास जिहादियोंद्वारा किया गया, जिसे प्रशासनने असफल कर दिया है; परन्तु जिहादियोंकी कुत्सित मनोवृत्तिका यह स्थायी उपचार नहीं है । उनकी इस मनोवृत्तिका स्थायी समाधान केवल हिन्दुओंका संगठित और सबल होना ही है । हिन्दुओंके एकजुट होनेसे ही वे नियन्त्रित रहेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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