‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ छपे ‘बिल’से सालिम कर रहा था ‘मजहबी’ प्रचार, साथ ही गाय, भैंस एवं बकरीकी चमडीकी करता था आपूर्ति, प्राथमिकीके (एफआईआरके) पश्चात उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने बनाया बन्दी


२१ अक्टूबर, २०२१
       उत्तर प्रदेशके कानपुरमें इस्लामका प्रचार करनेके लिए ‘बिल’की ‘पर्ची’का प्रयोग किया जा रहा है । ये उजागर होनेके पश्चात, ‘पुलिस’ अब ‘बिल’ प्रकाशित करनेवाली आपणीके (दुकानके) स्वामीको अभिरक्षामें (हिरासतमें) लेकर पूछताछ कर रही है । दूसरी ओर ‘सोशल मीडिया’पर एक चित्रको तीव्रतासे साझा किया जा रहा है । चित्रपर ‘Islam Is The Only Solution’, अर्थात इस्लाम ही एकमात्र समाधान लिखा है ।
      व्यापारीसे पूछताछमें पता चला है कि ‘बिल’ बनानेके लिए उसके पिता (अब्बू) १० वर्ष पूर्व एक ‘मशीन’ लाए थे । व्यापारमें वृद्धिके लिए उसने ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ लिखवाया । तीन वर्ष पूर्व उसके पिताकी मृत्यु हो गई थी । सालिमने इस घटनामें लिखित क्षमायाचना देते हुए कहा कि उसका विचार किसीको आहत करनेका नहीं था ।

इस घटनामें नूतन जानकारीके अनुसार, ‘पुलिस’ने मेस्टन मार्गमें स्थित व्यापारी मोहम्मद सालिमको अभिरक्षामें ले लिया है और उसके विरुद्ध धारा-५०५ (२) के अन्तर्गत अभियोग (केस) प्रविष्ट किया है । सालिम ‘हसीन एंड कंपनी इंडिया’का है, जो कानपुरमें गाय, भैंस और बकरीकी चमडी ‘दुकानदारों’को आपूर्ति (सप्लाई) करता है । इस ‘कम्पनी’में ५-१० कर्मचारी हैं । ये ‘ड्राई रबर कंटेन्ट’ और गाय, भैंस व बकरेकी कच्ची चमडी व इससे बने ‘लेदर’की ‘डिलीवरी’ करता है । कानपुरमें इस प्रकारका प्रकरण सामने आनेके पश्चात ‘पुलिस’के कान खडे हो गए हैं ।

      उत्तर प्रदेशमें योगी शासन है, इसलिए उक्त प्रकरणमें प्राथमिकी भी प्रविष्ट हो गई है । अन्यथा कोई मुसलमान तुष्टीकरण शासन होता तो परिवाद करनेवालेको ही बन्दी बना लिया जाता । शासन और प्रशासनकी अपनी सीमाएं हैं; अतः हिन्दुओंको भी अपनी ओरसे ऐसे प्रकरणोंपर दृष्टि रखनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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