शाहनवाजको नहीं भाया बहनका दूसरे धर्ममें विवाह करना, जीजाको मार दी गोली, देहली ‘पुलिस’ने दबोचा


३१ अक्टूबर, २०२१
      ‘देहली’के मॉडल टाउन क्षेत्रमें शनिवारकी (३० अक्टूबर, २०२१) देर रात्रि ‘साले’ने ही मित्रके साथ मिलकर अपने ही जीजाको गोली मार दी । घायलको शालीमार बागके फोर्टिस चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया गया है, जहां उनकी स्थिति अत्यन्त गम्भीर बनी हुई है । इस सम्बन्धमें अभी मॉडल टाउन ‘थाने’में हत्याके प्रयास व ‘आर्म्स एक्ट’की धाराओंमें अभियोग (मुकदमा) प्रविष्ट कर घटनाके ६ घण्टेके भीतर ही मुख्य आरोपित शाहनवाज अर्थात शाहबाज व उसके मित्र हर्षित अर्थात ऋतिकको बन्दी बना लिया गया है ।
      ‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, मुसलमान समुदायके मुख्य आराेपितको अपनी बहनका दूसरे धर्मके युवकसे विवाह कर लेने स्वीकार नहीं था । जिसके चलते उसने हत्याकी नियतसे अपने जीजाको गोली मार दी । बताया जाता है कि इस सम्बन्धसे घरवाले प्रसन्न नहीं थे । उन्होंने इसपर आपत्ति जताई थी । ज्ञातव्य है कि शनिवारकी रात्रिको आरोपितने अपने बहनोईको बात करनेके लिए मॉडल टाउनके बिग बाजारके निकटमें बुलाया; इसके पश्चात देवा अपनी बुलेटसे वहां पहुंच गए । जहां आरोपित शहबाज व उसका मित्र हर्षित उपस्थित था ।
      जहांसे वार्तालापके लिए तीनों बुलेटपर सवार होकर कुछ दूर आगे शालीमार पार्कके निकट पहुंचे, जहां शहबाज व उसके मित्रने कट्टेसे देवाके मस्तक व सीनेमें गोली मार दी और अवसर पाकर घटनास्थलसे भाग गए । गोली लगनेसे रक्तमें लथपथ देवा सडकपर ही गिर पडे; इसी मध्य वहां पहरा देते हुए आरक्षक संताेष कपूर पहुंचे तो उन्होंने घटनाकी सूचना ‘एसएचओ’को देकर घायलको चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया ।
       जिहादी स्वयं हिन्दुओंकी बहन-बेटियोंपर अपनी कुदृष्टि रखते है; किन्तु उनके घरकी महिलाएं यदि हिन्दू पुरुषसे विवाह कर लें तो उनकी हत्या करनेसे ये पीछे नहीं हटते है । यह दोहरी वृत्ति बताती है ये जिहादी एक लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और वह है मुसलमान बहुसंख्यक कैसे हो ? हिन्दुओं यदि ऐसे ही प्रकरण नित्य होते रहे, तो शीघ्र ही अपनेको बहुसंख्यक कहलानेवाले इस भारत भूमिपर हिन्दू स्वयं अल्पसंख्यक बनकर रह जाएंगे; अतः हिन्दुओं स्वधर्ममें रहकर, अपनी सन्तानोंको भी धर्माभिमानी बननेकी सीख दें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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