त्रिपुरामें मुसलमानोंने आक्रमणकर मन्दिरमें मां कालीकी ध्वस्तकी प्रतिमा, ‘एबीवीपी’ कार्यकर्तापर भी किया आक्रमण
३१ अक्टूबर, २०२१
त्रिपुराके उनाकोटि जनपदमें शुक्रवार २९ अक्तूबरको मुसलमानोंके जनसमूहने हिन्दुओंके कैलाशहर स्थित काली मन्दिरपर आक्रमण किया । ‘अफवाहों’के पश्चात हुई घटनाके आधारपर कि राज्यमें हिन्दुओंके जनसमूहने ‘मस्जिद’में आग लगा दी है, तो मुसलमानोंके जनसमूहने काली मन्दिरपर आक्रमणकर, वहां मांकी प्रतिमाको तोड डाला और मन्दिरको क्षतिग्रस्त किया । इस घटनामें ‘एबीवीपी’ कार्यकर्ताओंको बहुत चोटें आईं ।
त्रिपुराके लगभग ११०० ‘मस्जिदों’में, ‘जुमेकी नमाज’के पश्चात समुदायके लोगोंको भडकाया गया और उस क्षेत्रमें स्थिति और भी बिगडती गई; जबकि हिन्दुओंने किसी भी ‘मस्जिद’पर आक्रमण नहीं किया था और मुसलमानोंने केवल ‘अफवाह’ फैलानेका षड्यन्त्र किया था । प्रशासनने स्थितिपर नियन्त्रण पानेके लिए, समूचे क्षेत्रमें धारा-१४४ लगाई ।
हिन्दुओंके मन्दिरोंको निरन्तर ध्वस्त करनेके षड्यन्त्र रचे जा रहे हैं । जिहादी अकस्मात ‘अफवाहें’ फैलाकर मन्दिरोंपर आक्रमणकर, ध्वस्त किए जा रहे हैं । हिन्दुओंको, संवैधानिक अधिकारोंसे उनका प्रतिकार करने हेतु संगठित होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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