५० कोटिसे (करोडसे) अधिक कालेधनका स्वामी निकला कांग्रेस नेता, आयकर विभागकी समूचे सप्ताह चली छापेमारीमें हुआ उजागर
६ नवम्बर, २०२१
राजस्थानके श्रीगंगानगरमें कांग्रेसके नेता अशोक चांडक और ‘बिल्डर’ समूह रिद्धि सिद्धि ‘ग्रुप’के ठिकानोंपर आयकर विभागकी छापेमारीके मध्य ५० कोटिका (करोडके) काला धन उजागर हुआ है । यह छापेमारी लगभग ३३ ठिकानोंपर हुई है । समूचे सप्ताह चली छापेमारीमें आयकर विभागने २.३१ कोटिकी ‘नकदी’ और २.४८ कोटिके आभूषण (जूलरी) राजसात की है । अशोक चांडक और ‘बिल्डर’से सम्बन्धित उद्यमोंका रेत खनन, मदिरा और ‘रियल स्टेट’से सम्बन्धित व्यापार है । इस छापेमारीमें मिली राशिमेंसे ३५ कोटिको अघोषित आयके रूपमें स्वीकार करते हुए, इसपर आयकर देनेकी प्रस्तुति (पेशकश) की गई है । वहीं, आयकर विभागका कहना है कि अघोषित आय ५० कोटि रुपयेसे अधिक है ।
छापेमारीके मध्य यह भी पाया गया कि ‘कर’ चोरीके लिए ‘कैश बिक्री’को खाता पुस्तकमें प्रविष्ट नहीं किया गया था; इसके लिए पृथक ‘रजिस्टर’ बनाया गया । नकद मिले पैसेसे भूमि क्रयकी बात सामने आ रही है । आयकर विभागने इस कार्रवाईमें बडी संख्यामें विधिक लेख्य (दस्तावेज) प्राप्त किए हैं ।
अर्थ प्रधान कांग्रेसके नेता प्रायः निज स्वार्थ हेतु व्यापक अर्थ सङ्ग्रह व उसका दुरुपयोग ही करते आए हैंं, यही कांग्रेसके नेताओंका इतिहास है । आगामी हिन्दू राष्ट्रमें अर्थ सम्पदाका सदुपयोग केवल समष्टिके पारमार्थक हितके लिए ही होगा, ऐसी सभीसे अपेक्षित भी है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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