भारतके मार्गसे नेपाल पहुंच रहे हैं अफगान नागरिक, ‘फेक आधार’, भारतीय मुद्राके साथ धरे गए


९ नवम्बर, २०२१
      नेपाल ‘पुलिस’ने भारतके मार्गसे नेपालमें अवैध रूपसे प्रवेश करनेके सन्देहमें ११ अफगान नागरिकोंको बन्दी बनाया है । नेपाल ‘पुलिस’के केन्द्रीय जांच कार्यालयके अधिकारियोंने सोमवारको (८ नवम्बर, २०२१) काठमांडूके सिनामंगलमें एक घरपर छापा मारा और ७ पुरुषों और ४ महिलाओं सहित कुल ११ अफगान नागरिकोंको बन्दी बनाया ।
      विवरणोंकी मानें तो ये लोग वर्तमानमें भारत-नेपालके मध्य नदियोंमें ‘नो-मेन्स लैंड’पर ‘झोपडियां’ बनाकर रह रहे हैं और नदियोंमें खनन ‘मजदूरी’ कर रहे हैं । उत्तर प्रदेशके क्षेत्रोंसे नेपालके क्षेत्रोंमें भी ऐसे लोग वर्ष २०१९ से निरन्तर आकर बसते रहे हैं ।
      अचम्भित करनेवाली बात यह है कि ये सभी अफगान सोनाली सीमासे दोनों देशोंकी गुप्तचर अभिकरणोंको (खुफिया एजेंसियोंको) भ्रमित कर काठमांडू कैसे जा पहुंचे ? नेपाली अधिकारियोंका कहना है कि इनके पास भारतीय ‘आधार कार्ड’ थे । वहीं, नेपालमें पकडे गए इन ११ अफगान नागरिकोंके पास भारी मात्रामें भारतीय मुद्रा भी मिली । इस समय नेपालने इन सभी लोगोंके विरुद्ध ‘इमीग्रेशन एक्ट’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । नेपालके केन्द्रीय अनुसन्धान कार्यालयने इस बातकी जानकारी भारतके गृह मन्त्रालयसे साझा की ।
      केन्द्र शासनने जो विधान बनाया है, उसके अन्तर्गत ऐसे अफगानियोंको देशमें प्रवेश लेनेसे प्रतिबन्धित करना चाहिए । सीमावर्ती क्षेत्रोंमें सुरक्षा कठोर होनी चाहिए । ‘फेक आधार’ और भारतीय मुद्राओंका अफगानी नागरिकोंके पाससे पाए जाना बताता है कि भेदी कोई घरका है, जिसकी समूची जांच होकर कार्यवाही करना, यह मोदी शासनसे अपेक्षित है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : डू पॉलिटिक्स


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