रामायणमें अश्लीलता, ठहाके लगाते रहे लोग, ‘सेंट मेरी’ और ‘डीएवी’ विद्यालयकी विकृत रामलीला


६ नवम्बर, २०२१
      हरियाणाके फतेहाबादके २ भिन्न विद्यालयोंपर हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाओंको आहत करनेका आरोप लगा है । इसमें ‘डीएवी पब्लिक स्कूल’ और ‘सेंट मेरी पब्लिक स्कूल’ है । बजरंग दलने दोनों विद्यालयोंके विरुद्ध स्थानीय ‘थाने’में परिवाद प्रविष्ट करवाया है । भगवान श्रीराम और लक्ष्मणका आपत्तिजनक चित्रण किया गया है । साथ ही अन्य दृश्यमें अश्लीलता दिखाई गई है । दृश्यश्रव्यमें मंचनके मध्य दर्शक दीर्घासे ठहाकोंकी ध्वनि सुनाई दे रही है । बजरंग दलने दोनों विद्यालय संचालक, प्रधानाध्यापक, उपस्थित सभी अध्यापक और अध्यापिकाओंके साथ आपत्तिजनक मंचन करनेवालोंपर कार्रवाईकी मांंग की है ।
      बजरंग दल पदाधिकारी दीपक सैनीने बताया कि आए दिन हिन्दू भावनाओंका अपमान करना इन विद्यालयोंका स्वभाव बन चुका है । इसीके साथ उन्होंने इस प्रकरणमें ऊपरसे ‘समझौते’का दबाव आनेकी भी बात कही । दीपक सैनीने ‘पुलिस’की कार्यशैलीपर असन्तोष व्यक्त किया । उनके अनुसार, परिवाद देनेके पश्चात भी ‘पुलिस’ने अबतक इस प्रकरणमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है । दीपक सैनीने यह भी बताया कि ‘पुलिस’की निष्क्रियताके विरोधमें बजरंग दलने प्रदर्शन भी किया था । इस प्रदर्शनमें ‘सेंट मेरी’ और ‘डीएवी’ विद्यालयके बहिष्कारके भी उद्घोष लगे थे । जब ‘सेंट मेरी विद्याल’का पक्ष जाननेके लिए उन्हें सम्पर्क किया गया, तब उनके ‘सोशल हैंडलों’पर दिए गए चलभाष क्रमाङ्क बन्द आए ।
       एक ईसाई विद्यालय ऐसा कुकृत्य करे, तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए; क्योंकि उनका उद्देश्य ही हिन्दुओंको पथभ्रष्ट करना और उनका अपमान करना है । अतः उपर्युक्त प्रकरणमें जितना विद्यालय दोषी है, उतने ही ऐसे विद्यालयोंमें अपने बच्चोंको पढानेवाले हिन्दू भी दोषी हैं । सभी हिन्दुओंको कथित उच्च शिक्षाके प्रलोभनको त्याग अपने बच्चोंको ईसाई विद्यालयोंके स्थानपर अन्य विद्यालयोंमें अध्ययन कराना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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