बिहारमें ईसाई धर्मान्तरण कराते धराए गए केरलके दो पादरी, कई गांवोंमें लोगोंको बनाया ईसाई
६ नवम्बर, २०२१
बिहारमें ईसाइयोंके धर्मान्तरण करनेवाले पादरीको ‘पुलिस’द्वारा अभिरक्षामें (हिरासतमें) ले लिया गया है । ये दोनों बिहारके सुपौल जनपदमें, ईसाई धर्मान्तरणका प्रयास करते हुए पाए गए । ६ नवम्बर २०२१, शनिवारको इन दोनोंको धर्मान्तरण कराते हुए पकडा गया । ये दोनों लोगोंको ‘बाइबिल’ वितरण कर रहे थे । साथ ही लोगोंको ईसाई धर्मसे जुडनेके लिए प्रलोभन दे रहे थे । इसी मध्य लोगोंने हिन्दू संगठनोंको इनके कृत्योंके बारेमें सूचित कर दिया । पादरी जार्ज और रिषू सुपौल नगरके भेलाही क्षेत्रमें भाडेके निवासमें रहते हैं । सुपौलके भीमपुरके केवला गांवमें ये दोनों, निर्धनोंको बहला-फुसला रहे थे । दोनों पादरियोंमें एक महिला भी सम्मिलित है । पूछताछमें पादरी जॉर्जने उल्लेख किया है कि उसे इस कार्यके लिए उसे प्रति माह १२,००० रुपए दिए जाते हैं । ईसाई धर्म अपनानेवालोंको भी इनकी ओरसे कुछ रुपए दिए जाते थे । इन दोनोंने मिलकर कइयोंका ईसाई बनाया । ‘पुलिस’ने जांच आरम्भ कर दी है । ये दोनों विगत कई वर्षोंसे यहां रहकर धर्मान्तरणका कार्य कर रहे थे; किन्तु किसीको भी इसके विषयमें जानकारी नहीं होने दी ।
धर्मान्तरण करनेवाले पादरी अधिकतर उन निर्धनोंको लक्ष्य बनाते हैं, निरक्षर और असमर्थ होते हैं । उनकी समस्याओंपर राज्य शासन ध्यान नहीं देते । ईसाई अवसर पाकर ऐसे लोगोंको ही लक्ष्य बनाते हैं । शासनद्वारा ऐसे निर्धनोंपर ध्यान देते हुए, धर्मान्तरण करनेवालोंपर भी कठोरतासे कार्यवाही करना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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