महाविद्यालयमें ‘नमाज’ पढनेसे रोकनेपर शिक्षक-‘गार्ड’से भिडे मुसलमान छात्र, ‘NSUI’ समर्थनमें उतरी तो ‘ABVP’ ने कहा, “साम्प्रदायिकता नहीं फैलाने देंगे”
१३ नवम्बर, २०२१
राजस्थानकी राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान महाविद्यालय, ‘नमाज’को लेकर ‘सुर्खियों’में है । महाविद्यालयके परिसरके भीतर शुक्रवारको (१२ नवम्बर २०२१) ‘नमाज’ पढनेवाले कुछ छात्रोंको टोकनेके पश्चात विवाद उठ खडा हुआ है । यह ‘रोक-टोक’ महाविद्यालयके सुरक्षा ‘गार्डो’ और शिक्षकने की थी । ‘नमाज’का दृश्यपट ‘सोशल मीडिया’पर सार्वजनिक हो रहा है ।
राजस्थान ‘भाजपा’ नेता लक्ष्मीकांत भरद्वाजका आरोप है कि ‘नमाज’ पढनेके लिए ‘मौलवी’ भी बुलाया गया था । उन्होंने अपने ‘ट्विटर हैंडल’पर घटनाका दृश्यपट साझा किया है । इसीके साथ उन्होंने लिखा, “जयपुरके शासकीय महाविद्यालय (राजस्थान महाविद्यालय) परिसरमें ही इब्राहिम ‘नमाज’ पढ रहा है, एक ‘मौलवी’ भी दिख रहा है । धमकी और साथमें, ‘फीस’ देते हैं पढेगे ‘नमाज’ ।”
इस समूचे घटनाक्रमके पश्चात अब महाविद्यालयमें छात्रोंके २ समूह आमने-सामने आ गए हैं । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदने (ABVP ने) किसी भी हालमें परिसरके भीतर नूतन परम्परा आरम्भ नहीं होने देनेकी घोषणा की है । दूसरी ओर, ‘NSUI नमाज’ पढनेवालोंके साथ खुलकर खडी हो गई है । ‘NSUI’ ने परिसरमें ‘नमाज’को सही ठहराया है । इसीके साथ इस संगठनने ‘नमाज’से रोकनेवाले सुरक्षा ‘गार्डों’ और शिक्षकके विरुद्ध कार्रवाईकी मांग की है ।
‘NSUI’ जैसे संगठन महाविद्यालयमें शिक्षा ग्रहण करने नहीं आते; अपितु ये राजनीति करना आते है और इनका मुख्य कार्य साम्प्रदायिकता फैलानाका ही है । ऐसे संगठनोंका पालना-पोषण करनेका कार्य महाविद्यालय प्रशासन करता है । ऐसे महाविद्यालय मात्र षड्यंत्र का ‘अड्डा’ बनकर रह गए है । ऐसे शिक्षा संस्थानोंका हिन्दुओं राष्ट्रमें पुनर्निर्माण होगा । जिससे शिक्षाके मन्दिरमें केवल शिक्षाका दान दिया जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply