सिंघू सीमापर वृक्षसे लटका मिला ४५ वर्षीय गुरप्रीत, ‘किसान आन्दोलन’से जुडकर लम्बे समयसे रह रहा था ‘ट्रॉली’में
११ नवम्बर, २०२१
देहलीकी सिंघू सीमापर एक कथित किसानका शव वृक्षसे लटका हुआ प्राप्त हुआ है । ४५ वर्षीय गुरप्रीत सिंहकी मृत्युका कारण अभीतक अज्ञात है । देहली-हरियाणा सीमापर नीमके वृक्षसे लटके हुए गुरप्रीत सिंहका शव परीक्षणके (पोस्टमार्टमके) लिए भेज दिया गया है । पंजाबके फतेहगढ साहिबके निवासी मृतक गुरप्रीत सिंह बहुत लम्बे समयसे किसान आन्दोलनमें सक्रिय रहा था और ‘भारतीय किसान यूनियन’का (‘BKU’ सिद्धपुरका) सदस्य था । तहसील अमलोहके रुडकी गांव निवासी गुरप्रीत सिंह, अपने कई साथियोंके साथ लम्बे समयसे प्रदर्शन स्थलपर ही ‘ट्रॉली’में ठहरा हुआ था । दीपावलीसे पूर्व उसके शेष साथी, अपने घरोंको लौट गए थे, जिस कारण ‘ट्रॉली’में गुरप्रीत सिंहको एकाकी रहना पड रहा था । १० नवम्बर २०२१, प्रातःकाल बुधवारको अन्य किसानोंने नांगल मार्गपर ‘पार्कर मॉल’के समीप, एक नीमके वृक्षपर रस्सीसे एक व्यक्तिको लटकता हुआ पाया ।
कहीं कथित किसान आन्दोलनकी आडमें, ‘खालिस्तानी’ उग्रवादियोंने गुप्त हत्याएं करना आरम्भ तो नहीं कर दीं हैं ? इस बातकी जांच होनी चाहिए और समय रहते यदि इन आन्दोलनकारियोंको नहीं दबाया गया, तो यह देशके जनहितके लिए भारी हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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