‘ब्रह्ममुहूर्तमें ‘शोर’से भंग होती है, साधु-सन्तोंकी साधना, रुग्णोंको भी होता है कष्ट, ध्वनि विस्तारक यन्त्रपर (लाउडस्पीकर) ‘अजान’को लेकर बोलीं साध्वी प्रज्ञा
१० नवम्बर, २०२१
मध्य प्रदेशकी राजधानी भोपालसे सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुरने ‘मस्जिदों’में ध्वनिविस्तारक यन्त्रसे (लाउडस्पीकरसे) बजनेवाले ‘अजान’के कोलाहलपर आपत्ति व्यक्त की है । एक कार्यक्रमको सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रातः ५ बजे, तीव्र ध्वनि आती है और वह ध्वनि निरन्तर चलती रहती है । सबकी निद्रामें विघ्न होनेसे, निद्रा नष्ट होती है । कुछ लोग रुग्ण (मरीज) भी होते हैं, उनका भी रक्तचाप बढ जाता है । जिन लोगोंको अनेक प्रकारके कष्ट होते हैं और कोई रुग्ण यदि रात्रिमें नींद नहीं ले पाया, वे भी प्रातः नींद लेनेका प्रयास करता है; किन्तु ऐसी ध्वनिसे (अजानसे) विघ्न उत्पन्न होता है । उन्होंने बताया कि प्रातः ४ बजे साधु-सन्तोंकी साधनाका समय भी आरम्भ होता है; क्योंकि यह ब्रह्ममुहूर्तकी बेला होती है । उन्होंने कहा कि हमारी प्रथम आरतीका भी वही समय होता है; किन्तु इसका कोई चिन्तन नहीं कर रहा है और बलात ध्वनिविस्तारक यन्त्रका कोलाहाल सबके कानोंमें गूंंजता हैं ।
सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुरने जो वक्तव्य दिया है, वह समर्थन योग्य है । सभी हिन्दुओंको इसका समर्थन करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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